बिलासपुर… कोयला परिवहन से जुड़े मामले में गुणवत्ता की जांच के बाद सामने आए अंतर ने पूरे मामले को जांच के दायरे में ला दिया। एसईसीएल रामपुर की खदान से उच्च गुणवत्ता वाला कोयला बताकर ब्रज आयरन एंड स्टील लिमिटेड, डिघोरा भेजे गए दो ट्रेलरों के कोयले का प्रयोगशाला परीक्षण हुआ तो उसकी जीसीवी गुणवत्ता अपेक्षा से काफी कम निकली। पुलिस ने मामले में वाहन मालिक सहदेव साहू की भूमिका सामने आने का दावा करते हुए उसे करीब तीन महीने बाद गिरफ्तार कर लिया।

5800 जीसीवी बताया, जांच में 4203 निकला

मामला 18 मई 2026 का है। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता आशीष केशरी कोयला परिवहन एवं लिफ्टिंग का काम करता है। उसने एसईसीएल रामपुर की कोयला खदान से दो वाहनों—सीजी 12 एस 8901 और सीजी 04 एचएक्स 4888—में जी-6 श्रेणी का 5500-5800 जीसीवी वाला कोयला लोड कराया था। दोनों ट्रेलरों को डीओ नंबर 3330081502 के तहत ब्रज आयरन एंड स्टील लिमिटेड, डिघोरा भेजा गया।

प्लांट पहुंचने के बाद वहां केमिस्ट ने कोयले का प्रयोगशाला परीक्षण कराया। परीक्षण में दोनों ट्रेलरों में पहुंचे कोयले की जीसीवी गुणवत्ता क्रमशः 4203 और 4220 सामने आई। यानी दस्तावेजों में बताई गई गुणवत्ता और परीक्षण में सामने आई गुणवत्ता के बीच उल्लेखनीय अंतर मिला।

 वाहन मालिक तक पहुंची पुलिस

रिपोर्ट के आधार पर हिर्री थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक दामोदर प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपियों और मामले से जुड़े लोगों की पतासाजी शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को वाहन क्रमांक सीजी 04 एचएक्स 4888 के मालिक सहदेव साहू, निवासी झलफा, की भूमिका भी मामले में सामने आने का दावा किया गया। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही।

तीन महीने बाद घर पहुंची पुलिस

करीब तीन महीने तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहने के बाद सहदेव साहू को 12 अगस्त की रात करीब 10.30 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस अब मामले में कोयले की गुणवत्ता में आए अंतर और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। विवेचना के दौरान मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।

एसपी के निर्देश पर लगातार पतासाजी

मामले में पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी के मार्गदर्शन में कार्रवाई आगे बढ़ी। हिर्री पुलिस ने फरार आरोपी की लगातार पतासाजी करते हुए आखिरकार उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के हवाले किया।