रायपुर… छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलने की तैयारी तेज हो गई है। पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत चारों शहरों के लिए कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत हैं। इनके संचालन को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में विस्तृत रणनीति तैयार की।

बैठक में तय हुआ कि ई-बसों के रूट शहरों की वास्तविक परिवहन जरूरत और यात्रियों की सुविधा के आधार पर तय होंगे। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख बाजार और महत्वपूर्ण संस्थानों को जोड़ने वाले मार्गों को प्राथमिकता दी जाएगी। यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर रूट की व्यवहारिकता जांचकर उन्हें चरणबद्ध तरीके से अंतिम रूप दिया जाएगा।

डिपो-चार्जिंग से लेकर डिजिटल मॉनिटरिंग तक

ई-बसों के संचालन के लिए डिपो, चार्जिंग स्टेशन और बस स्टॉप की तैयारियां भी साथ-साथ पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। डिपो की क्षमता तय करते समय भविष्य में बसों की संख्या बढ़ने की संभावना को भी ध्यान में रखने को कहा गया है। भूमि चयन और एनएचएआई, रेलवे सहित संबंधित विभागों से जरूरी स्वीकृतियों की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर जोर दिया गया।

बसों के संचालन की निगरानी तकनीक आधारित कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से होगी। इसके जरिए बसों के रूट, संचालन और यात्री संख्या जैसी जानकारियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। नागरिकों को बसों और रूट की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थित रूट चार्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

30 अक्टूबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य

बैठक में 30 अक्टूबर तक निर्धारित कार्यों और रूट संबंधी लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी बनाए रखने तथा 1 नवंबर के लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम की समय-सीमा तय करने पर जोर दिया गया। संचालन से जुड़े कुछ कार्यों में आउटसोर्सिंग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए।

महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि रूट, डिपो, चार्जिंग, बस स्टॉप और संचालन व्यवस्था को एकीकृत तरीके से विकसित कर ई-बस सेवा को सुरक्षित, सुगम और प्रभावी सार्वजनिक परिवहन विकल्प बनाया जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, MoHUA के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया, नगरीय प्रशासन संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के सीईओ सुमीत अग्रवाल सहित रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।