बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले (CG liquor scam) प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और आबकारी विभाग में प्रतिनियुक्ति पर विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके अरुणपति त्रिपाठी को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है।

अरुणपति त्रिपाठी को cg liquor scam घोटाले से जुड़े मेन पावर मामले में राहत मिली है, रामगोपाल अग्रवाल को प्रवर्तन निदेशालय ED द्वारा दर्ज आबकारी घोटाला प्रकरण में जमानत मिली है।

हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी रामगोपाल अग्रवाल की जेल से तत्काल रिहाई नहीं हो पाएगी। उनके खिलाफ अन्य मामलों में जमानत की प्रक्रिया लंबित है।

भारतीय दूरसंचार सेवा के अफसर अरुणपति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ में प्रतिनियुक्ति के दौरान आबकारी विभाग में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

उन्हें आबकारी घोटाले में गिरफ्तार करने के बाद इसी घोटाले से जुड़े मेन पावर मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। याचिका की सुनवाई जस्टिस एके प्रसाद के सिंगल बेंच में हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने त्रिपाठी को जमानत दे दी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को ईडी द्वारा दर्ज आबकारी घोटाले के मामले में जमानत मिली है। जस्टिस बीडी गुरु की अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।

रामगोपाल अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता हर्षदीप खुराना और शशांक मिश्रा ने पैरवी की। ईडी मामले में राहत के बावजूद अन्य प्रकरणों में जमानत नहीं मिलने के कारण रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल जेल में ही रहेंगे।