बिलासपुर…जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वार्ड 23 स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान  संचालन पर अस्थायी रूप से निलंबन की कार्रवाई की है। यह फैसला नियमों के उल्लंघन और संचालन में अनियमितता के मद्देनज़र लिया गया है। इन दुकानों के प्रभारियों को 7 अगस्त 2025 को कारण बताओ नोटिस पर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया गया है।

खाद्य विभाग ने कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले की वार्ड 23 स्थित दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है । कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खाद्य शाखा ने 30 जुलाई को नोटिस भी जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार, दुकान  संचालन अनुबंध को निलंबित कर  अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया गया है।

इन दुकानों को किया निलंबित

निलंबित दुकानों में सिरगिट्टी, मंगला, चिंगराजपारा, तोरवा, सकरी, राजकिशोर नगर सहित कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानें शामिल हैं। इन दुकानों को खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम एवं निगरानी समिति ने निर्धारित मानकों के उल्लंघन का दोषी पाया  है।

 क्या है पूरा  मामला?

खाद्य अधिकारी अमृत कुजूर ने बताया कि टीम के बताए गए राशन दुकानों में भारी अनियमित को दर्ज किया । जांच पड़ताल के दौरान सभी दुकानें शिकायत के अनुसार निर्धारित समय पर खुली नहीं पाई गयी । इस दौरान यह भी पाया गया कि हितग्राहियों को दुकान संचालक समय पर खाद्य वितरण नहीं कर रहे हैं । इसके अलावा यह भी देखा गया कि दुकान संचालक न केवल उपभोक्ताओं से दूर व्यवहार करते हैं बल्कि अनाज कम वजन में दे रहे हैं ।

7 अगस्त को होगी सुनवाई

खाद्य अधिकारी अमृत कुजूर के अनुसार शिकायत और आरोपों के आधार पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि 7 अगस्त को होने वाली व्यक्तिगत सुनवाई में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया गयातो अनुबंध की स्थायी निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कड़ा संदेश

कुजूर ने बताया कि खाद्य विभाग जनहित से जुड़े वितरण तंत्र में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा । कलेक्टर ने संजय अग्रवाल ने सख्त निर्देश दिया है कि योजना से जुड़े प्रत्येक हितग्राही तक समय पर और पारदर्शी ढंग से खाद्यान्न पहुंचना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए सघन निरीक्षण अभियान लगातार चलाए जा रहा