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Bank Strike 2026- 5 डे बैंकिंग और वेतन विसंगतियों पर आर-पार की जंग.. बैंक कर्मियों का विशाल प्रदर्शन, बड़े आंदोलन की चेतावनी

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान के अनुरूप शनिवार को पंडरी, रायपुर में एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के 300 से अधिक बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हुए। यह प्रदर्शन 5-दिवसीय बैंकिंग के तत्काल क्रियान्वयन, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना के समाधान हेतु निष्पक्ष एवं सार्थक द्विपक्षीय वार्ता की मांग को लेकर था।

Bank Strike 2026रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पंडरी इलाके में शनिवार को बैंकिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग को लेकर भारी शोर सुनाई दिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के 300 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।

यह विशाल विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से 5-दिवसीय बैंकिंग (5-day banking) को तत्काल प्रभाव से लागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना में व्याप्त विसंगतियों के समाधान हेतु निष्पक्ष द्विपक्षीय वार्ता की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।

प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मियों ने 5-दिवसीय बैंकिंग लागू करने में हो रही अनावश्यक देरी पर गहरा रोष व्यक्त किया। फोरम के पदाधिकारियों का कहना है कि यह मांग लंबे समय से लंबित है और इसे लागू न करना बैंक कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने पीएलआई योजना के क्रियान्वयन में प्रबंधन द्वारा अपनाए गए एकतरफा और भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण की कड़ी निंदा की। उनका आरोप है कि इस योजना के लाभों के वितरण में पारदर्शिता की कमी है, जिससे कर्मचारियों के मनोबल पर विपरीत असर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी न्यायोचित और वैध मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।

आंदोलन को और अधिक उग्र बनाने की रणनीति साझा करते हुए फोरम ने आगामी सप्ताहों के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना जारी की है। इसके तहत 2 मई (महीने के पहले शनिवार) को सभी बैंक सदस्य काले बैज लगाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, 16 मई (तीसरे शनिवार) को सभी नेता और कार्यकर्ता काले वस्त्र पहनकर कार्यस्थल पर पहुंचेंगे।

इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने अब कार्य समय का सख्ती से पालन करने और किसी भी अतिरिक्त सहयोग या ओवरटाइम से परहेज करने का निर्णय लिया है। डिजिटल असहयोग के रूप में बैंक कर्मी अब आधिकारिक व्हाट्सएप समूहों से बाहर रहेंगे और कार्य समय समाप्त होने के बाद किसी भी आधिकारिक कॉल का जवाब नहीं देंगे।

आंदोलन के अगले चरण में बैंकों के आधिकारिक कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जाएगा और शाखाओं के माध्यम से आईबीए (IBA), मुख्य श्रम आयुक्त (CLC) और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इस विरोध सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख पदाधिकारियों में वाई. गोपाल कृष्णा, सुरेश बानी, विजय बक्शी, बलजीत सिंह, बी.के. उपाध्याय, मिलिंद माटे, प्रियंक चोपड़ा, रवि देबे और द्रोहित शिवहरे शामिल थे।

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