2016 से अटकी संपत्ति कर सिस्टम्स पर अब होगी सर्जरी : अरुण साव

बिलासपुर…. उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने गुरुवार को सभी नगरीय निकायों की वर्चुअल बैठक लेकर संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों को दूर करना बेहद जरूरी है, ताकि कर प्रणाली पारदर्शी बने और राजस्व वृद्धि से नगरपालिकाएं आत्मनिर्भर हो सकें।
बैठक मंत्रालय महानदी भवन से हुई, जिसमें राज्य के सभी नगर निगमों के महापौर और आयुक्त, नगर पालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्ष तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक श्री आर. एक्का भी मौजूद रहे।
साव ने कहा कि नगरीय निकाय प्रदेश की छवि गढ़ते हैं और शहर की जिम्मेदारी महापौरों व अध्यक्षों पर है। उन्होंने सुझाव दिया कि संपत्ति कर सुधार की शुरुआत प्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं अपने घर व कार्यालय से करें। उप मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि वार्षिक भाड़ा मूल्य (ARV) को वर्तमान बाजार दरों के अनुरूप अपडेट किया जाए। इससे कर भार समानुपातिक रूप से वितरित होगा और नगरपालिकाओं को अनुदानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “अधिक राजस्व का मतलब है—तेजी से नागरिकों तक बेहतर सुविधाएं।” इससे सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और बिजली सेवाओं में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 के बाद से संपत्ति कर व्यवस्था में बदलाव न होने के कारण कई विसंगतियां पैदा हो गई हैं, जिन्हें अब दूर करना अनिवार्य है।
बैठक में उन्होंने ई-गवर्नेंस मॉडल को आगे बढ़ाने पर बल दिया और कहा कि पारदर्शी सेवाओं से नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही अटल और नालंदा परिसरों के निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने महापौरों और अधिकारियों को रोज सुबह भ्रमण कर निर्माण कार्यों और साफ-सफाई का निरीक्षण करने के लिए भी कहा।
साव ने चेतावनी दी कि निविदा प्रक्रिया में त्रुटि या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, SUDA के सीईओ श्री शशांक पांडेय और अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य भी उपस्थित रहे।





