Education Department-कटनी। मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कटनी जिले के ढीमरखेड़ा विकासखंड में विभाग के ऑनलाइन पोर्टल ने एक ऐसे शिक्षक की ‘ड्यूटी’ लगा दी है, जिनका निधन करीब 15 साल पहले हो चुका है।

Education Department-विभागीय सिस्टम की इस बड़ी लापरवाही का खामियाजा अब एक जीवित और कार्यरत शिक्षक को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें पोर्टल पर मृत शिक्षक की मौजूदगी के कारण ‘अतिशेष’ (सरप्लस) घोषित कर दिया गया है।

Education Department-यह अजीबोगरीब मामला शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरियापान के संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाली प्राथमिक शाला मंगेली का है। जानकारी के अनुसार, इस स्कूल की स्थापना साल 2011 में हुई थी और वर्तमान में यहाँ 28 बच्चे पढ़ रहे हैं। नियमों के मुताबिक यहाँ दो शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं। एक शिक्षक के अवकाश पर होने के कारण स्कूल में कार्यरत सूर्यकांत त्रिपाठी बच्चों को पढ़ा रहे हैं। लेकिन हाल ही में जब शिक्षा विभाग के ‘एजुकेशन पोर्टल 3.0’ पर पदस्थापना सूची अपडेट हुई, तो उसमें महिपाल सिंह ठाकुर नाम के शिक्षक का नाम दर्ज मिला, जबकि उनकी मृत्यु 15 साल पहले ही हो चुकी है।

सिस्टम की इस तकनीकी गड़बड़ी ने जमीन पर काम कर रहे शिक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। पोर्टल पर मृत शिक्षक को कार्यरत दिखाए जाने के कारण, सिस्टम ने सूर्यकांत त्रिपाठी को स्वीकृत पदों से ज्यादा यानी ‘अतिशेष’ मान लिया है।

अब उन पर पदस्थापना बदलने या तबादले का खतरा मंडरा रहा है। इस विसंगति को देखते हुए विद्यालय प्रभारी ने विभाग को लिखित आपत्ति दर्ज कराई है, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

परेशान शिक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी ने अब जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि मृत शिक्षक का नाम तत्काल पोर्टल से हटाया जाए और उन्हें अतिशेष की सूची से बाहर किया जाए। इस मामले ने न केवल विभाग की लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर 15 साल पुराने रिकॉर्ड्स को पोर्टल पर किस आधार पर और किसकी लापरवाही से दर्ज किया गया। पीड़ित शिक्षक ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है