Ahmedabad Plane Crash।गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एयर इंडिया की उड़ान AI171 के दुर्घटनाग्रस्त होने से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद यह विमान डॉक्टरों के एक छात्रावास पर जा गिरा और आग के गोले में तब्दील हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में विमान में सवार 242 लोगों की जान चली गई, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी शामिल थे।

कैप्टन का अनुभव भी नहीं आया काम: इस घातक उड़ान की कमान अनुभवी लाइन ट्रेनिंग कैप्टन (LTC) सुमित सभरवाल संभाल रहे थे। सभरवाल के पास 8200 घंटे का विशाल उड़ान अनुभव था और वे न केवल विमान उड़ाने में माहिर थे, बल्कि नए पायलटों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी भी निभाते थे।

उनके साथ को-पायलट फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर भी थे, जिनके पास 1,100 घंटे का उड़ान अनुभव था। फर्स्ट ऑफिसर विमान संचालन में कैप्टन की सहायता करता है और कॉकपिट में दूसरा सबसे वरिष्ठ पायलट होता है, जिसकी फ्लाइट की सुरक्षा और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

Ahmedabad Plane Crash।उड़ान भरते ही गड़बड़ी, ‘मेडे’ कॉल और संपर्क टूट गया: रिपोर्टों के अनुसार, विमान के उड़ान भरने के लगभग 5 मिनट बाद ही उसमें तकनीकी गड़बड़ी हुई। कैप्टन सुमित सभरवाल ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को “मेडे” कॉल जारी किया, जो एक आपातकालीन संकेत होता है। हालांकि, इस ‘मेडे’ कॉल के बाद विमान का एटीसी से संपर्क टूट गया और कुछ ही देर में विमान हादसे का शिकार हो गया।

लंदन जा रहा था विमान, देश-विदेश के नागरिक थे सवार:अहमदाबाद से लंदन जा रहे इस विमान में 169 भारतीयों के अलावा 53 ब्रिटिश नागरिक भी सवार थे। इस भीषण दुर्घटना से भारतीय और ब्रिटिश दोनों देशों में गहरा सदमा है।

प्रधानमंत्री और ब्रिटिश समकक्ष ने जताया दुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस हादसे से दुखी और स्तब्ध हैं। उनके ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टार्मर ने भी इस त्रासदी पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राहत और बचाव कार्य में नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। भारतीय सेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल दुर्घटना स्थल पर मौजूद हैं।

मौके पर 500 से अधिक कर्मी बचाव कार्य में लगे हुए हैं और पीड़ितों को ढूंढकर निकाल रहे हैं। 30 एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।

सेना के 130 जवानों की अलग-अलग टीमें त्वरित मानवीय सहायता और आपदा राहत प्रयासों के लिए बनाई गई हैं। सेना मानवीय सहायता के अलावा अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में भी सहयोग कर रही है। भारतीय सेना की ओर से विशेष इंजीनियरिंग टीमें यहां तैनात की गई हैं। ये इंजीनियरिंग टीमें दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर तैनात की गई हैं।

इसके अलावा, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ से युक्त मेडिकल टीमें भी घायलों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए पहुंच चुकी हैं। सेना की क्विक एक्शन टीम और अग्निशमन दल अग्निशमन यंत्रों और वाटर बाउजर के साथ राहत कार्य में लगे हुए हैं। मौके की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए सेना की प्रोवोस्ट शाखा भी तैनात की गई है, जो घटनास्थल पर समुचित प्रबंधन में सहायता कर रही है।

सेना ने यह सुनिश्चित किया है कि राहत कार्य तेज गति से चलें और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इसके अतिरिक्त, भारतीय सेना के मिलिट्री हॉस्पिटल को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर घायलों का इलाज तुरंत शुरू किया जा सके। भारतीय सेना ने अपने इन प्रयासों से एक बार फिर विपदा की घड़ी में तत्परता और मानवता की मिसाल पेश की है।

सेना और नागरिक प्रशासन की समन्वित कोशिशों से राहत कार्य में तेजी लाई जा रही है और हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। अन्य सुरक्षाबलों के साथ मिलकर सेना स्थिति को सामान्य बनाने में जुटी है।

गौरतलब है कि गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर को एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राहत व बचाव अभियान के लिए तुरंत भारतीय सशस्त्र बलों की टीमें भेजी गईं। इसके अलावा एनडीआरएफ व अन्य एजेंसियां भी शुरुआती राहत कार्यों के लिए सशस्त्र बलों के साथ मौके पर पहुंचीं।