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Chhattisgarh

मोडिफाइड साइलेंसर पर ‘एक्शन’ या खानापूर्ति? एक बाइक पर चालान..बाकी पर मेहरबान

रामानुजगंज (पृथ्वी लाल केशरी).. शहर में लंबे समय से मोडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकों की तेज आवाज आम लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। दौलतमंद और रसूखदार परिवारों के युवकों द्वारा दिन-रात सड़कों पर फर्राटा भरते इन वाहनों से न सिर्फ शांति भंग हो रही है, बल्कि बुजुर्गों, बीमारों और नवजात शिशुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह समस्या सालों से चली आ रही है, लेकिन अब तक ठोस और निरंतर कार्रवाई नदारद रही है।

इसी बीच रामानुजगंज पुलिस ने केवल एक बुलेट मोटरसाइकिल पर कार्रवाई कर मामला निपटाने की कोशिश की है। पुलिस थाना रामानुजगंज अंतर्गत बुलेट मोटरसाइकिल क्रमांक CG 15 CG 7700 के चालक ताहा अंसारी पिता मुमताज अंसारी, निवासी वार्ड क्रमांक 12 के खिलाफ धारा 182 (ए)(4) मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 5000 रुपये का चालान काटा गया।

हालांकि इस कार्रवाई के बाद शहर में यह चर्चा तेज हो गई है कि एक बाइक पर कार्रवाई कर पूरे शहर की समस्या को नजरअंदाज कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना क्षेत्र में ऐसी सैकड़ों मोटरसाइकिलें खुलेआम दौड़ रही हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ऐसे में सिर्फ एक वाहन पर चालानी कार्रवाई को खानापूर्ति के तौर पर देखा जा रहा है।

मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक सख्त कार्रवाई के निर्देश संभाग और जिला स्तर से जारी किए गए थे। इसके बावजूद 23 जनवरी को, माह के अंतिम दौर में, सिर्फ एक कार्रवाई कर वरिष्ठ कार्यालय को रिपोर्ट भेजने की औपचारिकता पूरी किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शहर की सड़कों पर न सिर्फ मोडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकें दौड़ रही हैं, बल्कि एक बाइक पर चार–पांच सवार, बिना हेलमेट, तेज रफ्तार में खुलेआम नजर आते हैं। यदि पुलिस चाहे तो चौक-चौराहों और दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर पूरे नेटवर्क को आसानी से सामने ला सकती है।

अब बड़ा सवाल यही है कि जांच के आदेश देगा कौन और करेगा कौन? शहर की हालत यह है कि सड़कें ट्रांसपोर्ट नगर जैसी बन चुकी हैं, जहां बीच सड़क पर वाहन खड़े कर खरीदारी आम बात हो गई है। जनता का कहना है कि यदि संबंधित विभाग निरंतर और निष्पक्ष कार्रवाई करे, तो रामानुजगंज के लोग राहत की सांस ले सकते हैं। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि ऐसी कार्रवाई अक्सर कागजों तक ही सीमित रह जाती है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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