अंबिकापुर: लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) की लाख कोशिशों और सख्ती के बावजूद छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण (अटैचमेंट) का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

अटैचमेंट के जरिए सुगम और मलाईदार जगहों पर जमे शिक्षकों और कर्मचारियों को वापस मूल शालाओं व कार्यालयों में भेजने की कवायद चल ही रही थी कि अब एक नया रास्ता निकल आया है। इस बार जनगणना 2027-28 के काम का बहाना बनाकर शिक्षा विभाग के बाबुओं और भृत्यों (चपरासी) को अन्य दफ्तरों में अटैच करने का नया फरमान सामने आया है।

अंबिकापुर अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (नोडल अधिकारी जनगणना) ने एक आदेश जारी कर स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को सीधे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय में अटैच कर दिया है।

जनगणना 2027-28 के बहाने SDM दफ्तर में अटैचमेंट

अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (नोडल अधिकारी जनगणना) की ओर से जारी संलग्नीकरण आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि भारत सरकार गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार आगामी जनगणना 2027-28 के कार्य को चरणबद्ध और समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना है।

इसी कार्य के संपादन के नाम पर सूची में शामिल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अम्बिकापुर में आगामी आदेश तक के लिए संलग्न (अटैच) किया गया है।

AEBAS बायोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर ही मिलेगा वेतन

जारी प्रशासनिक आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि इन संलग्न कर्मचारियों के वेतन भुगतान में कोई रुकावट न आए।

आदेश के अनुसार संलग्न कर्मचारियों का प्रत्येक माह का वेतन भुगतान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर द्वारा जारी उपस्थिति पत्रक (Attendance Sheet) के आधार पर होगा।

कर्मचारियों को ऑनलाइन आधार बेस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (AEBAS) के तहत अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

शिक्षा विभाग में लंबे समय से मूल पदस्थापना स्थल पर काम न कर अन्य सुविधायुक्त कार्यालयों में अटैच रहने की परंपरा पर DPI ने शिकंजा कसना शुरू किया था। हालांकि, एडीएम स्तर से जारी इस ताजा आदेश के बाद चर्चा गर्म है कि किसी न किसी प्रशासनिक बहाने से कर्मचारी अपनी मूल पदस्थापना से दूर रहने और आदेशों को ठेंगा दिखाने का रास्ता ढूंढ ही निकाल रहे हैं।