रायपुर| 27 अक्टूबर 2026| छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कोंडागांव जिला प्रशासन के अवकाश सम्बन्धी आदेश की कड़ी आलोचना की है,. शिक्षक को आंधी तूफान और बारिश से बचाव के लिए कैसा कवच मिला है? जिसके लिए अवकाश नही होने का आदेश जिला प्रशासन कोंडागांव ने किया है।

छत्तीसगढ़ में बारिश, पानी आंधी- तूफान का एक बड़ा झंझावती दौर है, इस चक्रवात के दौर में कई जिलों में अवकाश घोषित किया गया है जिसमें कोंडागांव के जिला प्रशासन ने आदेश में स्पष्ट कर दिया कि यह अवकाश शिक्षकों के लिए नहीं है।

आखिर बताएं कि भीषण बारिश, आंधी- तूफान और तेज हवा जब छात्रों को, जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है उन्हें ताकीद की जा रही है कि वह अपने सुरक्षित जगह में रहे, छात्रों को छुट्टी दिया जा रहा है ऐसे में शिक्षक को कौन सा वरदान या कवच मिला हुआ है जिसके लिए स्पष्टता से अवकाश नहीं होने का आदेश निकाला गया।

प्राकृतिक आपदा किसी छात्र, महिला, पुरुष, समुदाय व व्यक्ति विशेष के लिए नहीं होता यह समग्र समुदाय के लिए होता है, ऐसा प्रतीत होता है कि शिक्षकों को कवछ मिल चुका है जो आंधी- तूफान और भीषण वर्षा को रोकने का माद्दा मिल गया है, प्राकृतिक आपदा को कमतर आंकना शिक्षकों की जान से खिलवाड़ करना है, यह कोंडागांव जिला प्रशासन बंद करें।

प्रदेश के मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को हस्तक्षेप करना चाहिए कि जब समूचे छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिला में भीषण आंधी- तूफान, वर्षा, तेज हवा के संकेत है जिससे जनजीवन बुरी तरीके से प्रभावित हो सकता है इसे देखते हुए छात्रों को अवकाश दिया गया है, जनजीवन को जागरूक किया जा रहा है, चेताया जा रहा है ऐसे में शिक्षकों को स्कूल जाने बाध्य किया जाना निंदनीय है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने संवेदनहीन जिला प्रशासन कोंडागांव की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि शिक्षक भी सामान्य व्यक्तित्व होते हैं जो अपने विवेक से हर कार्य को करते हैं इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्हें आंधी- तूफान, वर्षा, आगजनी, अस्त्र-शस्त्र प्रभावित नहीं कर सकता है, ऐसा कोई वरदान शिक्षकों को नहीं मिला है इस प्रकार से दबाव पूर्वक आदेश किए जाने की हम कड़ी निंदा करते हैं।

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