सरगुजा। 28 अक्टूबर 2026| छत्तीसगढ़ सरगुजा जिले के तीन शिक्षकों ने अलग-अलग अपराध में महीनों की जेल की सजा काटी, गंभीर आरोप और जेल की सजा के बाद भी बीईओ ने इस पूरे मामले की जानकारी छिपाकर रखी। NPG.NEWS की खबर को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने डीईओ को फटकार लगाई, कलेक्टर की नाराजगी के बाद डीईओ ने बीईओ ओर सीएसी को शोकॉज नोटिस जारी कर जानकारी मांगी है।

बता दें,समाजिक कार्यकर्ता परवेज आलम गांधी ने कलेक्टर को लिखे शिकायत पत्र में तीनों शिक्षकाें के बर्खास्तगी मांग करते हुए बीईओ और डीईओ द्वारा की गई कारवाई पर सवालिया निशान उठाया है। परवेज आलम गांधी ने कलेक्टर से करते हुए पूरे मामले की जांच कराने और शिक्षकों के अलावा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सिलसिलेवार पढ़िए क्या है मामला?

विजय कुमार यादव, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला पेण्डरखी, उदयपुर को हत्या के प्रयास के मामले में 2019 में थाना मणीपुर, सरगुजा में पंजीबद्ध अपराध में दोष सिद्धि पश्चात् न्यायालय ने- 03 जनवरी 2026 के द्वारा 05 वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी। विजय कुमार यादव-03 जनवरी 2026 से 09 अक्टूबर 2026 तक लगभग 09 माह जेल में रहे और वर्तमान में सजा के विरुद्ध उच्च न्यायालय छत्तीसगढ बिलासपुर में अपील दायर कर जमानत पर हैं।

कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा, अम्बिकापुर ने 22 अक्टूबर 2026 के द्वारा यादव को शासकीय सेवा से निलंबित करते हुए नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता प्रदान किया गया है।

यादव पर वर्ष 2019 में अपराध पंजीबद्ध हुआ था। अतः उक्त संगीन अपराध में उनकी गिरफ्तारी तत्समय अर्थात् 2019 में भी हुई थी। पुलिस द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति, यदि शासकीय सेवक हो तो संबंधित थाना प्रभारी द्वारा गिरफ्तारी की सूचना व्यक्ति के विभाग / नियन्त्रणकर्ता प्राधिकारी को तत्काल दी जाती है। किन्तु शिक्षक यादव के प्रकरण में इस पूरे घटनाक्रम को विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी यादव को 2019 में निलंबन की विभागीय कार्यवाही से अनुचित तरीके से बचा लिया गया।

बीईओ ने छिपाई जानकारी

शिक्षक यादव 03 जनवरी 2026 को ही जेल दाखिल हो चुके थे किन्तु इसकी सूचना विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी उदयपुर द्वारा उच्च कार्यालय को नहीं दी गई या प्राप्त सूचना पर उच्च कार्यालय द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया और शिक्षक यादव को विभागीय कार्यवाही से 09 माह अर्थात् 15 अक्टूबर 2026 तक बचाया गया तथा विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी उदयपुर और जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा, अम्बिकापुर द्वारा शिक्षक यादव को अपील करने और जमानत प्राप्त करने तक, नियम विरुद्ध विभागीय कार्यवाहियां स्थगित रखा गया।

शिक्षक यादव के प्रकरण में 03 जनवरी 2026 को सजा सुनाए जाने के बाद 09 माह तक अनुशासनिक प्राधिकारी अर्थात् जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा, अम्बिकापुर ने मौन साधे रखा और शिक्षक यादव को बर्खास्त करने के स्थान पर अपील के निराकरण तक जीवन निर्वाह भत्ता का पात्र बनाकर शासकीय धन की हानि पहुंचाने का कृत्य किया जा रहा है।

जेल में रहने वाले दो और शिक्षकों को मिला अभयदान

राजकुमार टोप्पो, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला कटघोरिया पारा, उदयपुर को थाना मणीपुर, सरगुजा में पंजीबद्ध अपराध में 20 जुलाई 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक कुल 73 दिन एवं त्रिपाल टोप्पो, सहायक शिक्षक एल.बी., शासकीय प्राथमिक शाला जरहाडीह, उदयपुर को समान अपराध में 31 अगस्त 2026 से 06 अक्टूबर 2026 तक कुल 37 दिन पुलिस अभिरक्षा में निरुद्ध

रहने पर, तब भूतलक्षी प्रभाव से निलंबित किया गया जब उक्त दोनों शिक्षक जमानत पर छूटे। क्या उनके जेल अवधि में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी उदयपुर और जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा सरगुजा, अम्बिकापुर में से किसी भी अधिकारी ने उनकी कर्तव्य से बगैर सूचना लंबी अनुपस्थिति पर कोई संज्ञान नही लिया? अथवा सूचना होने के बावजूद उनको संरक्षण प्रदान किया गया।

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