बिलासपुर। 30 अक्टूबर 2026| शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर सरकंडा के एक निजी संस्थानकर्मी से 7.20 लाख रुपए लिए। आरोपियों ने पांच महीने तक फजी ट्रेडिंग एप में उसकी रकमा बढ़ती दिखाई। जब एप पर बैलेंस 19.85 लाख रुपए हो गया और पीड़ित ने रुपये निकालने चाहे, तो निकासी रोक दी गई। 15 दिन में सेटलमेंट का भरोसा देने के बाद आरोपियों ने फोन बंद कर लिए। ऑफिस का पता भी फर्जी निकला।

अशोक विहार चांटीडीह निवासी अश्वनी को 25 दिसंबर 2025 को श्रिया यादव नाम की महिला ने फोन कर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया। उसके कहने पर अश्वनी ने फर्जी एप डाउनलोड किया। दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच उन्होंने 12 किस्तों में अभिषेक कुमार और अविनाश कुमार के यूपीआई आईडी पर 7.20 लाख रुपए ट्रांसफर किए। शुरुआत 5 हजार रुपए से हुई थी और बाद में 99 हजार रुपए तक की किस्तें जमा कराईं। रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी होल्ड कर दी गई। तय समय के बाद आरोपियों के नंबर बंद मिले।

सेबी से रजिस्टर्ड ट्रेडिंग कंपनी बता सीए छात्र से 8 लाख ठगे

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर तोरवा में सीए फाइनल के छात्र वुगराला राव से 8 लाख रुपए की ठगी हो गई। 21 सितंबर को एक अज्ञात नंबर से कॉल कर आरोपी ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताते हुए ट्रेडिंग टिप्स और सर्विस देने का झांसा दिया। उसने सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम प्लान की जानकारी दी। छात्र ने प्लेटिनम प्लान चुना। इसके बाद 22 सितंबर से 20 अक्टूबर के बीच 14 किस्तों में 8 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। सर्विस नहीं मिलने और रकम लौटाने से इनकार करने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। गुरुवार को तोरवा पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

निजी यूपीआई पर न भेजें पैसे ट्रेडिंग एप का मुनाफा जांचें

  • निवेश से पहले कंपनी या ब्रोकर का सेबी पंजीकरण वेबसाइट पर जांचें। किसी व्यक्ति के निजी बैंक खाते या 2. यूपीआई आईडी पर निवेश की रकम जमा न करें।
  • ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें, ताकि रकम रोकने की कोशिश की जा सके।