जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्यार और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। पीड़ित छात्रा को भगाकर आरोपी अपने साथ मुंबई ले गया था। यहां पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर नाबालिग को उसके परिजनों को सौंप दिया है।

जानिए पूरा मामला 

जानकारी के मुताबिक, 20 सितम्बर को थाना पत्थलगांव क्षेत्र के एक ग्राम के प्रार्थी द्वारा थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 सितम्बर की रात खाना खाने के बाद सो गया था। 17 वर्षीय नाबालिग बेटी अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। 18 सितम्बर की सुबह वे उठे तो वह अपने कमरे में नहीं मिली। परिजनों द्वारा आसपास व रिश्तेदारी में काफी खोजबीन की गई, लेकिन कोई पता नहीं चला। प्रार्थी को संदेह था कि अजय पुरी उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना पत्थलगांव में धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जाँच में लिया गया। मामले में नाबालिग बालिका की तलाश व आरोपी की पतासाजी के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबीर की सूचना, टेक्निकल टीम की मदद व परिजनों के सहयोग से पता चला कि आरोपी मुंबई के नाला सुपाड़ा में है व उसके साथ नाबालिक बालिका भी है।

डीआईजी व एसएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम पहुंची मुंबई

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के दिशा निर्देश में थाना पत्थलगांव से विशेष पुलिस टीम गठित कर पीड़िता की पतासाजी एवं आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मुंबई रवाना किया गया। पुलिस टीम ने मामले में उपलब्ध जानकारी के आधार पर विभिन्न स्तरों पर पतासाजी की।

प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी के ठिकाने का पता लगाया तथा 27 अक्टूबर को पीड़िता को आरोपी अजय पुरी के कब्जे से बरामद किया गया व आरोपी को हिरासत में लेकर लाया गया। पुलिस द्वारा पीड़िता को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई की गई।

पूछताछ के बाद गंभीर धाराएं जोड़ी गईं

जाँच के दौरान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़िता का कथन दर्ज किया गया। पीड़िता ने अपने कथन में बताया कि आरोपी अजय पुरी से उसका परिचय वर्ष 2024 में हुआ था। आरोपी द्वारा शादी करने का आश्वासन देकर उससे संपर्क बनाए रखा गया तथा अलग-अलग अवसरों पर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए गए।पीड़िता ने यह भी बताया कि 18 सितम्बर को आरोपी उसे अपने साथ काम करने के बहाने मुंबई ले गया था, जहां दोनों रह रहे थे। पीड़िता के बयान के बाद प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम), 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 जोड़ी गईं।

पुलिस द्वारा पीड़िता का महिला चिकित्सक से चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। साथ ही आरोपी का भी चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। पुलिस के द्वारा नाबालिक बालिका को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।