सरगुजा। 28 अक्टूबर 2026| छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को राज्योत्सव का कार्यक्रम होना है। अंबिकापुर के डीईओ द्वारा राज्योत्सव के लिए जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है, उसे लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। राज्योत्सव के बहाने कहीं अटैचमेंट का खेला तो नहीं चल रहा है। सूची में एक शिक्षक के नाम को लेकर अटकलें लगाई जा रही है।

कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, अंबिकापुर ने अपने आदेश में लिखा है, छग राज्य स्थापना दिवस 2026 के अवसर पर, 02 नवंबर 2026 को कलाकेंद्र मैदान अंबिकापुर में कार्यक्रम आयोजित की जाएगी। उक्त कार्यक्रम के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन हेतु निम्नलिखित अधिकारियों ,कर्मचारियों को दायित्व सौंपा जाता है। इस आदेश के साथ ही नीचे अधिकारी व कर्मचारियों के नाम की सूची के साथ उनका पदनाम भी जारी किया है।

डीईओ की सूची में पांचवें क्रम पर ऑनलाइन काेचिंग प्रदर्शनी के लिए तीन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। संतोष साहू एपीसी समग्र शिक्षा माध्यमिक को लेकर सरगुजा जिले के शिक्षकों व शिक्षक नेताओं व अधिकारियों के बीच एक बार फिर चर्चा छिड़ गई है। बता दें, अटैचमेंट खत्म कराने के लिए डीईओ से लेकर जेडी और कलेक्टर के समक्ष शिकायतें की गई थी। तब कहीं जाकर अटैचमेंट खत्म किया गया था।

सात किलोमीटर दूर से राज्योत्सव में ड्यूटी लगाने का मतलब क्या?

वर्तमान में शिक्षक सात किलोमीटर दूर स्कूल में पदस्थ हैं। जिला मुख्यालय में ही पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की मौजूदगी है, ऐसी स्थिति में सात किलोमीटर दूर से उसी शिक्षक को राज्योत्सव के लिए ड्यूटी लगाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही है। चर्चा इस बात की भी हो रही है, कहीं राज्योत्सव के बहाने एक बार फिर अटैचमेंट का खेला तो नहीं खेला जाएगा?

ऐसे चला था अटैचमेंट का खेल

डीईओ ने 17 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर लिखा था, संतोष कुमार साहू, (मूल पद- व्याख्याता) प्रतिनियुक्ति पर प्रभारी प्राचार्य स्वामी आतमानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय केशवपुर, विकासखण्ड-अम्बिकापुर, जिला-सरगुजा (छ.ग.) को तात्कालिक व्यवस्था के तहत सहायक कार्यक्रम समन्वयक समग्र शिक्षा अम्बिकापुर, सरगुजा (छ.ग.) के रिक्त पद के विरूद्ध आगामी आदेश पर्यन्त कार्य करने हेतु आदेशित किया जाता है।

ऐसे चला था शिकायतों का दौर

सामाजिक कार्यकर्ता परवेज आलम गांधी ने जेडी को पत्र लिखकर शासन के आदेशों के विपरीत कार्यरत व्याख्याता संतोष साहू को उनके मूल पदस्थापना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोनगरा, जिला सूरजपुर में तत्काल कार्यमुक्त (रिलीव) किए जाने तथा प्रतिनियुक्ति आदेश में हुई त्रुटि एवं अनियमितताओं की जांच की मांग की थी।

शिकायत में लिखा था, व्याख्याता (गणित) श्री संतोष साहू, जिनकी मूल पदस्थापना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोनगरा, जिला सूरजपुर में है, उन्हें उनके मूल वि‌द्यालय में भेजने के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सरगुजा से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, केशवपुर में कार्यमुक्त कर दिया गया। यह कार्यवाही शासन की मंशा एवं आदेशों के विपरीत प्रतीत होती है।

एक गफलत ऐसे की गई

संतोष साहू के प्रतिनियुक्ति आदेश में भी मूल पदस्थापना का जिला “सूरजपुर” होने के स्थान पर “सरगुजा” अंकित किया गया, जो प्रथम दृष्टया गंभीर प्रशासनिक त्रुटि अथवा तथ्यात्मक विसंगति प्रतीत होती है। इस त्रुटि के आधार पर उन्हें मूल पदस्थापना स्थल भेजने के बजाय जिले में ही बनाए रखने का प्रयास किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम से यह प्रतीत होता है कि जिले के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से एक गणित व्याख्याता को अपने मूल विद्यालय में जाने से बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि शासन का स्पष्ट उद्देश्य सभी सलंग्न शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजना है। ऐसी स्थिति न केवल शासन के आदेशों की अवहेलना है, बल्कि अन्य शिक्षकों के साथ भी असमानता का व्यवहार है। शासन के निर्देशों के विपरीत संलग्नीकरण कर संतोष साहू व्याख्याता शास० उ०मा०वि० सोनगरा, जिला-सूरजपुर है जिनको अम्बिकापुर कार्यालय में पदस्थ किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर दिनेश कुमार झा के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये।