साय-सांय विकास के दावों के बीच ‘सांय-सांय’ वारदात! ..VIP ज़ोन में पूर्व स्पीकर धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूट, राजधानी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
VIP इलाके में वारदात, सुरक्षा पर सवाल:.. बड़ी वारदात टली

रायपुर..राजधानी रायपुर से एक बेहद चौंकाने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक सोमवार सुबह करीब 5 बजे रोज की तरह अपने सरकारी बंगले से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। आनंद नगर इलाके में टहलने के दौरान अचानक बाइक सवार बदमाश आया और उनके हाथ से महंगा एप्पल मोबाइल झपट्टा मारकर फरार हो गया। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला, और कुछ समझ पाते उससे पहले आरोपी मौके से गायब हो चुका था।
VIP इलाके में वारदात, सुरक्षा पर सवाल:
यह घटना जिस स्थान पर हुई, वह राजधानी का हाई-प्रोफाइल VIP एरिया है। आनंद नगर में ही एक ओर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का निवास है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का घर स्थित है। ऐसे संवेदनशील इलाके में इस तरह की वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक मानी जा रही है।
निजी सचिव का बयान:
धरमलाल कौशिक के निजी सचिव ने बताया कि वे रोज की तरह सुबह 5 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक ने अचानक झपट्टा मारकर उनका मोबाइल छीन लिया और तेजी से फरार हो गया। घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे बदमाशों को भागने में आसानी हुई।
बड़े दौरे के अगले ही दिन वारदात:
गौरतलब है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले ही देश के गृह मंत्री अमित शाह का प्रदेश दौरा हुआ था, जिसके चलते राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। लेकिन अगले ही दिन सुबह इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है।
कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल:
यह घटना सिर्फ एक मोबाइल लूट नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है। जब प्रदेश के शीर्ष नेताओं में शामिल एक वरिष्ठ नेता के साथ इस तरह की घटना हो सकती है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा खुद लगाया जा सकता है।
जनता में चर्चा और सरकार पर तंज:
शहर में इस घटना को लेकर जबरदस्त चर्चा है। लोग कह रहे हैं कि जब VIP एरिया में इस तरह की वारदात हो सकती है, तो आम इलाकों की स्थिति क्या होगी। मुख्यमंत्री समेत अक्सर भाजपा नेता “साय-सांय विकास” की बात करते हैं, लेकिन राजधानी में अपराधी “सांय-सांय” अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं। यह स्थिति सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच साफ अंतर दिखाती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
धरमलाल कौशिक जैसे कद्दावर नेता के साथ हुई यह घटना केवल एक लूट नहीं, बल्कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक चेतावनी है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों से आम जनता में डर और असुरक्षा की भावना और गहरी हो सकती है। फिलहाल यह घटना रायपुर की कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर सामने आई है।





