स्मार्ट मीटर पर उठे सवाल, विभाग ने दी सफाई… डेटा एंट्री में देरी को लेकर उपभोक्ताओं की नाराज़गी
शहर के लगभग 1 लाख 44 हजार उपभोक्ताओं में से 96 हजार परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए

बिलासपुर… छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा शहर में स्मार्ट मीटर स्थापना का काम तेज़ी से किया जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही बिलिंग और डेटा एंट्री को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। हाल में प्रकाशित एक समाचार में यह मुद्दा सामने आया कि कई उपभोक्ताओं को महीनों तक नियमित बिल नहीं मिले और बाद में एकमुश्त राशि का भुगतान करना पड़ा।
विभाग के अनुसार बिलासपुर शहर के लगभग 1 लाख 44 हजार उपभोक्ताओं में से 96 हजार परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 99 प्रतिशत मीटरों का विवरण सैप सिस्टम में दर्ज किया जा चुका है। शेष मामलों में डेटा एंट्री की प्रक्रिया जारी है।
हालांकि, कुछ उपभोक्ताओं की शिकायत है कि मीटर का सीरियल नंबर फीड न होने या तकनीकी तालमेल में देरी के कारण औसत बिल जारी हुए, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ा। विभाग ने इसे मानवीय त्रुटि बताते हुए कहा है कि शिकायत मिलने पर औसत बिल को समायोजित किया जा रहा है और यदि एकमुश्त बिल जारी होता है तो स्लैबिंग सुविधा के तहत राहत दी जाती है।
स्मार्ट मीटर को स्वचालित और पारदर्शी प्रणाली बताया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर आ रही शिकायतें यह संकेत देती हैं कि तकनीकी संक्रमण के इस दौर में समन्वय और निगरानी को और मज़बूत करने की आवश्यकता है।





