इलाज के नाम पर अंगूठी का जंजाल: झोलाछाप की नुस्ख़ा-गरी ने मरीज को पहुंचाया अस्पताल

नारायणपुर…झोलाछाप डॉक्टरों की ‘नवोन्मेषी चिकित्सा’ कभी-कभी मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है। बस्तर संभाग के नारायणपुर ज़िले में ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जिसमें इलाज़ के नाम पर दी गई सलाह ने मरीज को अस्पताल की चौखट तक ला पटका।
दरअसल, जाटलूर गांव के एक युवक को पेशाब में जलन, बुखार और सिरदर्द की शिकायत हुई। गांव के एक झोलाछाप डॉक्टर ने दवा लिखने की बजाय ‘अलहदा आयडिया’ देते हुए गुप्तांग में अंगूठी पहनने की सलाह दे डाली। नतीजा, कुछ ही दिनों में अंग सूज गया और अंगूठी फंस गई।
स्थिति बिगड़ने पर मरीज पहले ओरछा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, लेकिन एम्बुलेंस न मिलने से उसे मोटरसाइकिल पर झटके खाते-खाते नारायणपुर जिला अस्पताल आना पड़ा।
अस्पताल में डॉ. धनराज सिंह डरसेना और डॉ. शुभम राय ने लगभग दो घंटे तक पसीना बहाकर धातु की अंगूठी काटी और मरीज को मुक्त कराया। डॉक्टरों का कहना था कि ज़रा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती थी।




