ओवरलोड ट्रेलरों में चल रहा था काला खेल, पुलिस ने 215 टन कोयला पकड़ा..6 तस्कर दबोचे
कोयला माफिया पर सबसे बड़ा वार: 215 टन काली खेप जब्त, नेटवर्क बेनकाब

बिलासपुर…खनन क्षेत्र से उठकर बाजार तक पहुंचने वाली काली कमाई की पूरी चेन पर पुलिस ने एक साथ चोट की है। दीपका क्षेत्र से अवैध कोयला निकालकर बिलासपुर में खपाने की तैयारी कर रहे संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कार्रवाई में 215 टन कोयला, भारी मशीनरी और तस्करी में लगे वाहन जब्त किए गए हैं।
सिरकी मोड़ पर जाल, ट्रेलर गिरफ्त में
पुलिस को इनपुट मिला—ओवरलोड ट्रेलरों में अवैध कोयला बिलासपुर की ओर भेजा जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने सिरकी मोड़ के पास घेराबंदी की।
तीन ट्रेलर रोके गए, कागज मांगे गए—और यहीं पूरा खेल खुल गया। एक भी वैध दस्तावेज नहीं मिला, चालक वहीं से हिरासत में ले लिए गए।
चेन एक्सपोज़: लोडर से खरीदार तक गिरफ्तारी
पूछताछ आगे बढ़ी तो सिर्फ ड्राइवर नहीं, पूरा नेटवर्क सामने आया। कोयला लोडिंग कराने वाले, ट्रांसपोर्टर और खरीदार—कुल 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में रौनक गुप्ता, सरफराज खान उर्फ पम्मी, मुकेश चौधरी, सुजीत सिंह, मुबारक खान और अर्जुन बंसल शामिल हैं।
राज्य की सीमाएं पार करता नेटवर्क
जांच में साफ हुआ—यह गिरोह सिर्फ स्थानीय नहीं था। झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश तक इसके तार जुड़े हैं। यानी अवैध कोयला सिर्फ चोरी नहीं, संगठित कारोबार के रूप में चल रहा था।
मशीन से मार्केट तक—सब कुछ जब्त
पुलिस ने 215 टन कोयले के साथ तीन ट्रेलर और एक पेलोडर मशीन जब्त की है। यानी खदान से लेकर सप्लाई तक की पूरी व्यवस्था एक साथ पकड़ में आ गई।
रिमांड पर आरोपी, निशाना डिपो नेटवर्क
दीपका थाना में केस दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब उन डिपो और खरीदारों की पहचान में जुटी है, जहां यह कोयला खपाया जाना था।
अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस
अधिकारियों ने साफ किया—अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है, नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की तैयारी हो चुकी है।





