बकरा चोरों का ‘कटिंग कनेक्शन’ बेनकाब—चोरी के जानवर काटकर बाजार में बेच रहा था गैंग
रात में चोरी, सुबह दुकान में कटाई—37 बकरा-बकरी कांड में बड़ा खुलासा

बिलासपुर..ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बकरा-बकरी चोरी की वारदातों का चकरभाठा पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सेवार और सारधा गांव से चोरी हुए 37 बकरा-बकरी मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर उस नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो चोरी के जानवरों को खरीदकर शहर में काटकर बेच रहा था।
गांवों से एक साथ गायब हुए 37 मवेशी
15 मार्च 2026 को चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम सेवार और ग्राम सारधा में एक ही रात में बड़ी चोरी हुई थी। अज्ञात चोर 16 बकरे, 15 बकरियां और 6 पट्ठियां समेत कुल 37 जानवर लेकर फरार हो गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश था और पुलिस पर जल्द खुलासे का दबाव बढ़ गया था।
जांच में खुला ‘सप्लाई चैन’ का खेल
पुलिस ने पहले दो आरोपियों—हेमराज उर्फ हेमू उर्फ राहुल साहू और नजीर खान उर्फ मजीद खान—को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चोरी किए गए जानवरों को शहर में काटकर बेचने का अलग नेटवर्क सक्रिय था।
इसी कड़ी में पुलिस ने चिल्हाटी निवासी रहीस उर्फ टीर्रू उर्फ मुंडा खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने चोरी के 10 बकरा-बकरी खरीदकर अपनी दुकान में काटकर बेचे थे।
दुकान से बरामद औजार और नकदी
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बकरा-बकरी काटने के औजार, तराजू, बिक्री की रकम और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 63 हजार रुपए बताई जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
जांच में संकेत मिले हैं कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। ग्रामीण इलाकों में पशु चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस सक्रियता से खुला नेटवर्क
चकरभाठा पुलिस की लगातार निगरानी और पूछताछ के बाद चोरी से लेकर अवैध बिक्री तक की पूरी कड़ी सामने आई है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि चोरी के अन्य जानवर किन इलाकों में खपाए गए।




