चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सीधी निगरानी—लोक अदालत में लाखों मामलों के त्वरित निपटारे का ब्लूप्रिंट तैयार
लोक अदालत से निपटेंगे लाखों केस—हाईकोर्ट की सख्त समीक्षा, त्वरित समाधान पर फोकस

बिलासपुर… 9 मई को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में उच्च न्यायालय स्तर पर वर्चुअल बैठक आयोजित कर लंबित मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे की रणनीति तय की गई।
मुख्य न्यायाधीश ने ली समीक्षा बैठक
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर के जिला न्यायाधीशों, विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों, पारिवारिक न्यायालयों और स्थायी लोक अदालतों से जुड़े न्यायिक अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस संजय के. अग्रवाल और हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू भी जुड़े।
पुराने मामलों की पहचान और समझौता
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि लंबे समय से लंबित सिविल और आपराधिक प्रकरणों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत के जरिए सुलझाया जाए। विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, मोटर दुर्घटना दावा और परक्राम्य लिखत अधिनियम से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। न्यायिक अधिकारियों से कहा गया कि वे पक्षकारों के बीच पूर्व बैठक कर समझौते की संभावना बढ़ाएं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो सके।
राज्यभर में एक साथ होगी लोक अदालत
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण NALSA के कैलेंडर के अनुसार 9 मई को राज्य के सभी स्तरों—हाईकोर्ट, जिला न्यायालय, तहसील न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय और अन्य न्यायिक मंचों पर लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसमें सुलह योग्य मामलों के साथ-साथ जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का भी समाधान किया जाएगा।
31 लाख से ज्यादा मामलों की पहचान
जिलों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक करीब 31.90 लाख मामलों की पहचान की गई है। इनमें 31.14 लाख प्री-लिटिगेशन और 76 हजार से ज्यादा न्यायालयों में लंबित प्रकरण शामिल हैं, जिनमें समझौते की संभावना तलाश की जा रही है।
समाधान समारोह’ अभियान पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रहे “समाधान समारोह” अभियान को भी प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। यह विशेष अभियान 21 अप्रैल से शुरू होकर अगस्त में प्रस्तावित विशेष लोक अदालत के साथ पूरा होगा, जिसका उद्देश्य लंबित मामलों को सहमति के आधार पर सुलझाना है।
प्रचार और नोटिस प्रक्रिया तेज
सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित पक्षकारों को जल्द नोटिस जारी करें और आम जनता के बीच लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया का लाभ उठा सकें।




