बिलासपुर।छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा ने कहा है की 25 अगस्त को छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में ऐतिहासिक रैली के साथ टेट मुक्ति हेतु शिक्षक एकजुट हो रहे हैं, शिक्षक तिरंगा के सम्मान के साथ रैली में शामिल होंगे।

शिक्षकों की सुरक्षित सेवा की गारंटी मोर्चा की ओर से है, शिक्षकों की सुरक्षित सेवा मोर्चा के लिए सर्वोपरि है, शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति शिक्षा विभाग को देना ही होगा।

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यह अजीब सा विषय सामने आया है जिसमें शिक्षकों के भर्ती व पदोन्नति नियम में किसी भी प्रकार से टेट की बाध्यता नहीं है साथ ही शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक का समय टेट करने के लिए मिला है, लेकिन इसके बाद भी शिक्षा विभाग – शिक्षकों की पदोन्नति के लिए टेट अनिवार्य करने जा रहा है।

साथ ही सेवा से बाहर निकलने की बात कर लगातार भयादोहन किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के संदर्भ के अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा नियमित रूप से शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं लिया गया एवं प्रदेश के शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्य नहीं था इसलिए शिक्षकों ने अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं किया है।

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सेवा के खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भर के सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधान पाठक एवं व्याख्याता सभी एकजुट हो चुके हैं।

छत्तीसगढ़ के शिक्षकोें के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आगामी 25 अगस्त को ‘छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा’ द्वारा राज्य स्तरीय विशाल आंदोलन किया जा रहा है, इसमें प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में शिक्षक एकजुट होकर रैली निकालेंगे और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।

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मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे और केदार जैन ने सभी संवर्गों के शिक्षकों से इस आंदोलन में भारी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संयोजक संजय शर्मा, सहसंयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, देवनाथ साहू, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, डॉ कोमल वैष्णव, संजय उपाध्याय, मुकेश मुदलियार, मनोज सनाढ्य, शैलेन्द्र पारीक ने बताया कि शिक्षक एकजुट है, व्यापक स्तर पर एक दूसरे को कॉल कर, भेंटकर रैली की तैयारी कर रहे है, सभी जिले में रैली के स्थान का चयन किया जा चुका है, स्थानीय प्रशासन को सूचना दे दी गई है, हमारे ज्ञापन की प्रमुख माँगें एवं मुद्दे इस प्रकार है।

‘टेट’ (TET) से मुक्ति:सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति हेतु शिक्षकों को ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET) की अनिवार्यता से पूर्णतः राहत दी जाए।

पूर्व सेवा से पेंशन व हितलाभ:शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए पूर्ण पेंशन एवं अन्य समस्त सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।

केंद्रीय वेतनमान व विसंगति दूर करना:राज्य के शिक्षकों को केन्द्र के समान वेतनमान देते हुए वेतन विसंगति को दूर किया जाए।

भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन: 13 फरवरी 2026 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जाएं।

बी.एड. (B.Ed.) ब्रिज कोर्स:शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के लिए शासन स्तर पर ब्रिज कोर्स के माध्यम से बी.एड. कराया जाए।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा इससे पूर्व भी एकजुटता के बल पर शिक्षकों की दो बड़ी और ऐतिहासिक माँगों को पूरा करा चुका है:

1. शिक्षकों का शासकीय सेवा में संविलियन (Merger)

2. पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ

एकजुट होने की भावुक अपील:

प्रांतीय संयोजक संजय शर्मा, वीरेन्द्र दुबे और केदार जैन ने अपील करते हुए कहा- ‘‘यह लड़ाई किसी एक की नहीं, बल्कि प्रदेश के हर शिक्षक के भविष्य और अधिकारों की है, अपने हक की रक्षा के लिए 25 अगस्त को अपने-अपने जिला मुख्यालय में होने वाली रैली में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएं।