बिलासपुर…कोनी स्थित लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 220 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अक्टूबर 2024 को इस बहुप्रतीक्षित अस्पताल का लोकार्पण किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल अब तक पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो सका है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी विजय केशरवानी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

विजय केशरवानी ने जारी बयान में कहा कि बिलासपुर और पूरे संभाग की जनता ने केवल एक आलीशान भवन की मांग नहीं की थी, बल्कि ऐसे अस्पताल की अपेक्षा की थी जहां गरीब, किसान, मजदूर और आम नागरिकों को हृदय, किडनी, ब्रेन और अन्य गंभीर बीमारियों का समय पर उपचार मिल सके। लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने और लोकार्पण के बाद भी अस्पताल की कई मूलभूत सुविधाएं अधूरी हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
nitin nabin new bjp team-भाजपा संगठन में ‘नारी शक्ति’ का शंखनाद: नितिन नवीन की नई टीम में स्मृति ईरानी और वसुंधरा राजे समेत 12 महिलाओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
nitin nabin new bjp team-भाजपा संगठन में ‘नारी शक्ति’ का शंखनाद: नितिन नवीन की नई टीम में स्मृति ईरानी और वसुंधरा राजे समेत 12 महिलाओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
nitin nabin new bjp team/भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी बहुप्रतीक्षित नई टीम का औपचारिक ऐलान...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

प्रधानमंत्री ने लोकार्पण किया, फिर भी अस्पताल अधूरा

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद भी आखिर ऐसा क्या कारण है कि डेढ़ साल बीतने के बावजूद अस्पताल पूर्ण क्षमता के साथ शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि केवल भवन निर्माण और लोकार्पण से अस्पताल नहीं चलता, बल्कि डॉक्टर, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी, उपकरण और आपातकालीन सेवाएं किसी भी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की वास्तविक पहचान होती हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
Nitin Nabin new team- भाजपा की नई टीम नितिन नबीन का भव्य आगाज: स्मृति ईरानी की ताकतवर वापसी और 13 उपाध्यक्षों के साथ मिशन 2029 की तैयारी
Nitin Nabin new team- भाजपा की नई टीम नितिन नबीन का भव्य आगाज: स्मृति ईरानी की ताकतवर वापसी और 13 उपाध्यक्षों के साथ मिशन 2029 की तैयारी
Nitin Nabin new team/भाजपा ने नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की एक विस्तृत सूची जारी की है और ये नियुक्तियां तुरंत प्रभाव...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल या रेफरल सेंटर?

विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट, पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी और गंभीर मरीजों के लिए अत्याधुनिक एंबुलेंस जैसी व्यवस्थाएं अब तक पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि कई गंभीर मरीजों को आज भी सिम्स, जिला अस्पताल अथवा अन्य चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से भी मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है, तो आम जनता को इसका वास्तविक लाभ आखिर कब मिलेगा।

ये खबर भी पढ़ें…
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में छुट्टी और ओडी को लेकर नया निर्देश, VSK ऐप और CG School पोर्टल पर दर्ज करनी होगी जानकारी
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में छुट्टी और ओडी को लेकर नया निर्देश, VSK ऐप और CG School पोर्टल पर दर्ज करनी होगी जानकारी
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों एवं अन्य शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के अवकाश और ओडी (ऑफिशियल ड्यूटी) को लेकर...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जूदेव के नाम पर अस्पताल, जिम्मेदारी भी तय हो

अस्पताल का नाम छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता और जनभावनाओं से जुड़े स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर रखा गया है। यह नामकरण बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की पहल पर किया गया था। कांग्रेस ने कहा कि स्वर्गीय जूदेव केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि जनभावनाओं से जुड़े नेता थे। ऐसे में उनके नाम पर बने अस्पताल को पूरी क्षमता से संचालित करना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया कि क्या केवल नामकरण करा देना ही जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पूरी कर देता है, या फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है।

निजीकरण की आशंका. सरकार दे जवाब

विजय केशरवानी ने कहा कि जनता के बीच यह आशंका लगातार बढ़ रही है कि भविष्य में कहीं जनता के करोड़ों रुपये से बने इस सरकारी अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी तो नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करने और श्वेत पत्र जारी कर जनता को भरोसा दिलाने की मांग की कि अस्पताल पूरी तरह जनहित और सार्वजनिक व्यवस्था के तहत ही संचालित होगा।

व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं तो होगा आंदोलन

विजय केशरवानी ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि बिलासपुर की जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द अस्पताल की अधूरी व्यवस्थाओं को पूरा नहीं किया और निजीकरण की आशंकाओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। उनका कहना है कि बिलासपुर की जनता ने केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक ऐसा अस्पताल मांगा था जहां गरीब, किसान, मजदूर और आम नागरिकों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके। जनता को केवल उद्घाटन, आश्वासन और घोषणाएं नहीं, बल्कि उपचार चाहिए।

कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि आखिर 220 बिस्तरों वाला यह अस्पताल पूरी क्षमता से कब शुरू होगा। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की नियमित भर्ती कब होगी, यह भी अब तक स्पष्ट नहीं है। ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की मजबूरी कब खत्म होगी और 24 घंटे इमरजेंसी सेवा तथा अत्याधुनिक एंबुलेंस सुविधा कब शुरू होगी, यह भी बड़ा सवाल बना हुआ है। कांग्रेस ने अस्पताल में भर्ती और उपचार की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग करते हुए सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या भविष्य में इस अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने की कोई योजना है या नहीं।