हर घर की गिनती से तय होगा कल… जनगणना 2027 से विकास की नई पटकथा शुरू

बिलासपुर…देश की सबसे बड़ी डेटा प्रक्रिया—जनगणना—अब विकास का सीधा आधार बनने जा रही है। जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत के साथ ही हर मकान, हर सुविधा और हर जरूरत का दस्तावेज तैयार होगा, जिससे आने वाले वर्षों की योजनाओं की दिशा तय होगी।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी संजय अग्रवाल ने जिलेवासियों से इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भविष्य के विकास की नींव रखने का चरण है, जहां हर नागरिक की जानकारी मायने रखती है।
पहले चरण के तहत 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस दौरान नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं और एक यूनिक आईडी प्राप्त करेंगे। इसके बाद 1 मई से 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और गणना का कार्य करेंगे, ताकि कोई भी परिवार या मकान छूट न जाए।
इस चरण में प्रत्येक मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी। यही डेटा आगे चलकर शासन की योजनाओं को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने में उपयोगी साबित होगा।
कलेक्टर ने जनगणना की गोपनीयता पर भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक नहीं किए जाते और न ही इनका उपयोग टैक्स वसूली या किसी जांच में किया जाता है।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया को जिम्मेदारी के साथ लें और पूरी सटीकता से जानकारी उपलब्ध कराएं, क्योंकि “हमारी जनगणना, हमारा विकास” सिर्फ नारा नहीं, बल्कि आने वाले समय की विकास रणनीति का आधार है।





