नन्हे दिल को नई धड़कन… मस्तूरी की चिरायु टीम ने 11 माह के ध्रुवेश को दी जिंदगी.. कलेक्टर ने दी बधाई
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सफलता पर खुशी जताते हुए टीम को बधाई दी

बिलासपुर..मासूम उम्र, कमजोर धड़कन और अनजान खतरा—अगर समय पर पहचान न होती, तो यह कहानी शायद अधूरी रह जाती। बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र में चिरायु आरबीएसके टीम ने एक बार फिर साबित किया कि सही समय पर किया गया हस्तक्षेप किस तरह एक नन्ही जिंदगी को मौत के मुहाने से वापस ला सकता है। 11 महीने के ध्रुवेश के लिए यह पहल सिर्फ इलाज नहीं, नई जिंदगी की शुरुआत बन गई।
आंगनवाड़ी से खुला खतरे का संकेत
सीपत क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान ध्रुवेश पुरी को जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित पाया गया। शुरुआती जांच में ही स्थिति की गंभीरता सामने आ गई, जिसके बाद टीम ने बिना देरी किए उसे जिला अस्पताल रेफर किया और खुद वाहन से पहुंचाया।
जिला से राजधानी और फिर बड़े अस्पतालों तक
जिला अस्पताल में ईको और ब्लड टेस्ट के बाद बच्चे को मेकाहारा रायपुर भेजा गया, जहां “कॉम्प्लेक्स सायनोटिक हार्ट डिजीज” की पुष्टि हुई। इसके बाद इलाज की प्रक्रिया कई बड़े संस्थानों तक पहुंची—एम्स रायपुर, श्री सत्य साईं अस्पताल और आगे दिल्ली एम्स व अपोलो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल चेन्नई तक रिपोर्ट्स भेजी गईं।
डर और उम्मीद के बीच—टीम ने दिलाया भरोसा
ओपन हार्ट सर्जरी की सलाह मिलते ही परिजन असमंजस में आ गए। यहीं चिरायु टीम ने लगातार काउंसलिंग कर उन्हें समझाया कि ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प है। भरोसे ने डर को पीछे छोड़ा और परिवार इलाज के लिए तैयार हुआ।चेन्नई में सफल सर्जरी, लौट आई मुस्कान
23 मार्च को बच्चे को चेन्नई भेजा गया, 25 मार्च को भर्ती किया गया और 1 अप्रैल 2026 को सफल ओपन हार्ट सर्जरी हुई। आज ध्रुवेश स्वस्थ है—उसकी धड़कनों में अब खतरा नहीं, जिंदगी की लय है।
टीमवर्क जिसने बदली तस्वीर
इस पूरे अभियान में चिरायु नोडल डॉक्टर डॉ. सौरभ शर्मा, सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल, बीएमओ डॉक्टर अनिल, बीपीएम भूपेंद्र देवांगन, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. सोनम धर्म बरगाह और पूर्णिमा सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही।
प्रशासन की सराहना, परिवार का आभार
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए टीम को बधाई दी। वहीं, बच्चे के माता-पिता ने स्वास्थ्य विभाग और चिरायु योजना को जीवनदायिनी बताते हुए आभार व्यक्त किया।





