बिलासपुर… अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले के प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व ने योग को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने योगाभ्यास कर जिलेवासियों को स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी।

योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दोनों अधिकारियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक दिशा देने वाली भारतीय संस्कृति की अमूल्य विरासत है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन किसी भी जिम्मेदारी के प्रभावी निर्वहन की पहली शर्त है। पुलिस जैसी चुनौतीपूर्ण सेवा में कार्यरत अधिकारियों और जवानों के लिए योग तनाव प्रबंधन, मानसिक एकाग्रता और शारीरिक क्षमता को बनाए रखने का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने कहा कि नियमित योग न केवल व्यक्ति को निरोग रखता है, बल्कि उसके निर्णय लेने की क्षमता और कार्यकुशलता को भी बढ़ाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कलेक्टर और एसएसपी की साझा सहभागिता ने यह संदेश भी दिया कि स्वस्थ नेतृत्व ही स्वस्थ समाज की नींव रखता है। प्रशासन और पुलिस की शीर्ष टीम जब स्वयं योग को अपनाकर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करती है, तो यह आमजन को भी स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करता है।

जिले में योग दिवस के अवसर पर विभिन्न शासकीय संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर भी व्यापक स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ और निरोग जीवन का संकल्प लिया।