Cg news।रायपुर ।केंद्रीय जेल रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाया।

सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस अभियान में करीब 50 पुलिस जवानों के साथ क्राइम ब्रांच/एसीसीयू और सेंट्रल जोन के विभिन्न थानों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

तलाशी के दौरान जेल परिसर और अलग-अलग बैरकों की सघन जांच की गई, हालांकि कोई विशेष आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई।

अभियान का नेतृत्व डीसीपी क्राइम आईपीएस स्मृतिक राजनाला, डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल और एडीएम उमाशंकर बांधे ने किया। सुरक्षा जांच के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने जेल की विभिन्न बैरकों में एक साथ पहुंचकर कैदियों और उनके सामान की बारीकी से तलाशी ली।

पुलिस टीमों ने बैरकों के साथ-साथ जेल परिसर के चिन्हित स्थानों की भी जांच की।

अभियान के दौरान महिला बैरक के लिए अलग टीम गठित की गई और सुरक्षा मानकों के अनुरूप वहां भी तलाशी कार्रवाई की गई।

पूरे अभियान की निगरानी अतिरिक्त डीसीपी सेंट्रल जोन विवेक शुक्ला, अतिरिक्त डीसीपी एसीसीयू गौरव मंडल, एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा और प्रशिक्षु डीएसपी अमित कोसमा के नेतृत्व में की गई।

अधिकारियों ने अलग-अलग टीमों के साथ बैरकों में पहुंचकर कैदियों, उनके सामान और बैरक परिसर की सघन जांच की।

पुलिस और प्रशासन के अनुसार, औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और प्रतिबंधित सामग्री के संभावित प्रवेश अथवा उपयोग को रोकना है। इस तरह की अचानक की जाने वाली जांच से जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी भी की जाती है।

तलाशी अभियान के दौरान कोई विशेष आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और प्रशासन की बड़ी टीम के एक साथ विभिन्न बैरकों में पहुंचने से जेल परिसर में व्यापक स्तर पर सुरक्षा जांच की गई।