बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एसकेएमएस – एटक) ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपकर 15 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर 17 नवंबर से सात दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल और 25 नवंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया गया है।

संघ के क्षेत्रीय सचिव पंकज कुमार गर्ग और क्षेत्रीय अध्यक्ष हीरा लाल ने बताया कि बिश्रामपुर क्षेत्र की अलग-अलग खदानों में सैकड़ों ठेका श्रमिक काम कर रहे हैं। उनकी समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर बीते 5 अक्टूबर 2026 को पोड़ी ग्राउंड से रैली निकालकर महाप्रबंधक कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद भी प्रबंधन की ओर से मांगों के निराकरण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई।

संघ की प्रमुख मांगों में सभी खदानों में वर्क्स कमेटी का गठन, ठेका श्रमिकों को नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र देना, कोयला ट्रांसपोर्ट, साइडिंग, सोलर प्लांट और खान परिसर में काम करने वाले श्रमिकों को एचपीसी वेतनमान का भुगतान शामिल है। इसके अलावा बायोमेट्रिक मशीन और उपस्थिति रजिस्टर में हाजिरी दर्ज करने, हर महीने 26 दिन काम सुनिश्चित करने और प्रत्येक महीने की 7 तारीख तक वेतन भुगतान के साथ वेतन पर्ची देने की मांग की गई है।

संघ ने श्रमिकों को कॉरपोरेट बैंक खातों के माध्यम से वेतन देने, बोनस और पीएलआई का पूरा भुगतान करने की मांग भी रखी है। विशेष रूप से गायत्री और केतकी खदान के वर्ष 2024-25 के बकाया बोनस का भुगतान करने की मांग की गई है। खदानों में सुरक्षा मानकों का पालन कराने और दुर्घटनाओं की जानकारी छिपाने की प्रथा पर रोक लगाने की बात भी ज्ञापन में कही गई है।

इसके साथ ही गायत्री और केतकी खदान के आसपास रोजगार दिलाने के नाम पर अवैध धन वसूली की उच्चस्तरीय जांच कराने, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनाने और पहले वेतन से काटी गई सीएमपीएफ राशि वापस करने अथवा उसका समायोजन करने की मांग की गई है।

संघ पदाधिकारियों ने बताया कि मांगों पर प्रबंधन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 17 से 24 नवंबर तक क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 25 नवंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी क्षेत्रीय प्रबंधन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि एसईसीएल बिलासपुर के निदेशक (मानव संसाधन), जिला कलेक्टर सूरजपुर, एसडीएम सूरजपुर और संबंधित पुलिस थाने को भी भेजी गई है।