दुर्ग। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जंजगीरी, अंडा (जिला-दुर्ग) के प्रधान पाठक चंद्रकांत गजेंद्र को आयुक्त, दुर्ग संभाग सत्यनारायण राठौर ने निलंबित कर दिया है।

उन पर छात्रों और स्व-सहायता समूह से पैसों की वसूली, स्कूल का फर्नीचर घर ले जाने और नियमित रूप से स्कूल से अनुपस्थित रहने के गंभीर आरोप थे।

जांच में इन आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

क्या थे प्रधान पाठक पर आरोप?
आयुक्त दुर्ग संभाग के पास शिकायत पहुंची थी कि प्रधान पाठक चंद्रकांत गजेंद्र न तो नियमित रूप से स्कूल आते हैं और न ही कक्षाएं लेते हैं।

उन पर मध्याह्न भोजन का संचालन करने वाले स्व-सहायता समूह से उगाही करने और स्कूल का फर्नीचर अपने घर ले जाने का भी आरोप था।

जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने स्कूल का सीसीटीवी कैमरा टूट जाने पर विद्यार्थियों के पालकों से ₹5,000 की मांग की थी। एक रसोइया से समूह में नाम जोड़ने के लिए ₹2,500 की मांग भी की गई थी।

जांच में पुष्टि और कार्रवाई
बीईओ द्वारा की गई जांच में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी बयानों से इस बात की पुष्टि की कि प्रधान पाठक अक्सर स्कूल से गायब रहते थे।

उनके अनुचित व्यवहार के कारण स्कूल में भय और तनाव का माहौल बन गया था, जिससे छात्रों की पढ़ाई और अन्य गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, विभागीय जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत चंद्रकांत गजेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।