Up election।लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस अपने संगठन में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में दिख रही है। अगस्त 2023 से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाल रहे अजय राय को हटाकर किसी नए चेहरे को कमान सौंपने की अटकलें राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई हैं।

Up election।उत्तर प्रदेश के नए पार्टी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के पदभार संभालने के बाद से ही सामाजिक समीकरणों को नए सिरे से साधने की चर्चाएं चल रही हैं। केंद्रीय नेतृत्व राज्य में नए सिरे से चुनावी चक्रव्यूह तैयार करने पर मंथन कर रहा है।

अजय राय को अगस्त 2023 में यूपी कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

संगठन का एक धड़ा मानता है कि पिछले 3 वर्षों से अजय राय ने राज्य में पार्टी को सक्रिय रखा है और चुनाव से ठीक पहले कमान बदलना सांगठनिक लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।

दूसरा धड़ा मानता है कि विधानसभा चुनावों के लिए नए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण बनाने की सख्त जरूरत है।

पदमुक्त होने की स्थिति में अजय राय को राष्ट्रीय टीम में कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है या वे वाराणसी की किसी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। हाल ही में राहुल गांधी से हुई उनकी मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है।

कांग्रेस आलाकमान कई विकल्पों और सामाजिक समीकरणों पर विचार कर रहा है।आराधना मिश्रा ‘मोना’ (ब्राह्मण चेहरा & महिला कार्ड):

प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से लगातार तीन बार की विधायक।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी।उत्तर प्रदेश की राजनीति और विधानमंडल का लंबा अनुभव। अगर कांग्रेस महिला कार्ड खेलती है, तो उनका नाम सबसे आगे माना जा रहा है।

OBC या मुस्लिम चेहरा:

पार्टी संगठन में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी या सीतापुर से सांसद राकेश राठौर के नामों पर भी विचार चल रहा है।

कार्यकारी अध्यक्ष (Executive Presidents) फॉर्मूला:

एक मुख्य अध्यक्ष के साथ-साथ एक OBC और एक मुस्लिम कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने के मॉडल पर भी मंथन जारी है। इससे पार्टी बिना किसी एक वर्ग को नाराज किए सभी प्रमुख सामाजिक समूहों को साध सकेगी।

यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व का ही होगा। आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को मजबूती से खड़ा करने के लिए आलाकमान जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लगा सकता है।