Paper Leak News-नयी दिल्ली/ युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में संगठन ने पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में शनिवार को मशाल जुलूस निकाला जिसमें बड़ी संख्या में शामिल हुए युवा कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

Paper Leak News-युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता वरुण पांडे के अनुसार कार्यकर्ता राजघाट पर एकत्र हुए और वहां से जंतर-मंतर तक मशाल जुलूस निकालने लगे लेकिन दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव विकास चिकारा, सुरभि द्विवेदी, राष्ट्रीय सचिव हरि कृष्णा, परमिंदर सिंह, रूपेश भदौरिया, दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा, हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष निशित कटारिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

Paper Leak News-इस दौरान श्री चिब ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक देश के युवाओं के लिए सबसे बड़े मुद्दों में से एक बन चुका है और इसके लिए श्री प्रधान तथा भारतीय जनता पार्टी की सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जो सरकार छात्रों की परीक्षाएं निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से नहीं करा सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उनका कहना था कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत, उम्मीद और भविष्य पर पानी फेर दिया है।

उनका दावा था कि श्री प्रधान स्वयं छात्रों की आत्महत्याओं के लिए जिम्मेदारी स्वीकार कर चुके हैं, इसलिए उन्हें नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

श्री चिब ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोटा की रैली में शिक्षा व्यवस्था को “आईसीयू में” बताया था लेकिन आश्चर्य यह है कि अब महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर लीक हो गया जिसके कारण परीक्षा रद्द हो गयी है।

उन्होंने कहा कि यह इस बात का उदाहरण है कि भाजपा शासित राज्यों में परीक्षा प्रणाली लगातार विफल हो रही है।
उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें, पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किये जायें तथा सभी प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाये।

युवा कांग्रेस ने कहा कि यदि सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो संगठन देशभर में अपने आंदोलन को और तेज करेगा।