अवैध संबंध के शक में खून से सनी रात: पेंडरवा में तलवार से हमला… एक की मौत, 6 घायल
रतनपुर थाना क्षेत्र में सनसनी—मुख्य आरोपी ने कबूला जुर्म, दो नाबालिगों के साथ वारदात को दिया अंजाम

बिलासपुर ..रतनपुर थाना क्षेत्र के पेंडरवा गांव में शुक्रवार शाम अवैध संबंध के शक ने हिंसक रूप लेते हुए एक बुजुर्ग महिला की जान ले ली, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है, वहीं दो विधि से संघर्षरत बालक भी इस वारदात में शामिल पाए गए हैं। पूरे मामले में पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई है।
शाम 6:30 बजे थाने पहुंचा आरोपी, पहुंचे घायल
घटना के बाद सुरेश श्रीवास अपने दो पुत्रों के साथ शाम करीब 6:30 बजे रतनपुर थाना पहुंचा और खुद को प्रार्थी बताते हुए उपस्थित हुआ। इसी दौरान पीछे से घायलों को लेकर लोग भी थाने पहुंचे और बताया कि सुरेश श्रीवास और उसके बेटों ने घर में घुसकर मारपीट की है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की और आरोपियों को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक कार्रवाई से लेकर गिरफ्तारी तक पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग पुलिस कप्तान रजनेश सिंह के स्तर पर की गई।
अवैध संबंध के शक में पुराना विवाद, हिंसक शक्ल
घटनास्थल पर पीड़ित शेख शब्बीर ने बताया कि मुख्य आरोपी सुरेश श्रीवास अपनी पत्नी, जिसका तीन-चार महीने पहले तलाक हो चुका है, और उसके छोटे भाई शेख सलीम के बीच अवैध संबंध होने का शक करता था। इसी बात को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका था और घटना वाले दिन भी इसी मुद्दे पर आरोपी घर पहुंचा।
तलवार से हमला… 65 वर्षीय मुराद बेगम की मौत
विवाद के दौरान आरोपी ने तलवार से हमला कर दिया। इस हमले में 65 वर्षीय मुराद बेगम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आए परिवार के अन्य 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सिम्स अस्पताल में जारी है।
बदला लेने गया था..आरोपी ने कबूला
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी ने मेमोरेंडम में अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह शेख सलीम से कथित अवैध संबंध का बदला लेने की नियत से अपने नाबालिग बेटों के साथ धारदार हथियार लेकर उसके घर गया था। सलीम के नहीं मिलने पर उसने उसकी मां मुराद बेगम पर जानलेवा हमला कर दिया।
उकसावे की पुष्टि, एक और आरोपी गिरफ्तार
विवेचना के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि उमेश श्रीवास ने सुरेश श्रीवास को घटना के लिए उकसाया था। इस आधार पर पुलिस ने उसे भी तत्काल गिरफ्तार कर लिया।
4 गिरफ्तार, दो नाबालिग शामिल
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सुरेश श्रीवास, उमेश श्रीवास और दो विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 332A, 103, 109, 61(2), 3(5) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल साक्ष्य जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से विवेचना करते हुए इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों को विधिवत जब्त किया है, ताकि आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी पुलिस कप्तान रजनेश सिंह के निर्देश पर की जा रही है।
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर टीम गठित
आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस कप्तान रजनेश सिंह के निर्देश पर कोटा एसडीओपी नूपुर उपाध्याय के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई है, जिसमें प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन सहित थाना स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
कानून से ऊपर कोई नहीं…”एसएसपी रजनेश सिंह
पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए साफ कहा कि बिलासपुर में अपराध और अपराधियों के लिए किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई होगी और ऐसे मामलों में त्वरित गिरफ्तारी के साथ मजबूत साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी, ताकि आरोपियों को अधिकतम सजा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत विवाद या शक के नाम पर हिंसा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिले में शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।





