LIVE UPDATE
Madhya Pradesh

प्रदेश के 1 लाख 6 हजार 51 बच्चों को उनकी पसंद की निजी स्कूलों में मिला नि:शुल्क प्रवेश

आरटीई के अंतर्गत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया हुई

भोपाल /स्कूल शिक्षा केंद्र द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत गुरुवार को ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई, जिसमें एक लाख 6 हजार 051 बच्‍चों को उनकी पसंद के निजी स्कूलों में ही प्रवेश दिया गया। इनमें से 91 हजार 543 बच्चों को उनके द्वारा चयनित प्रथम वरीयता वाले स्कूलों में ही प्रवेश मिला है। लॉटरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा इसका सीधा प्रसारण भी किया गया।

संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र श्री हरजिंदर सिंह ने आरटीई के अंतर्गत निजी विद्यालयों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों के निःशुल्क प्रवेश के लिये ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया। इस प्रक्रिया का सीधा प्रसारण राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के यूट्यूब चैनल https://youtube.com/live/ffjjYeJU3vo?feature=share पर किया गया।

संचालक श्री सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश देश भर में आरटीई के तहत ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम अपनाने वाला अग्रणी राज्य है। इस पारदर्शी व्यवस्था से अभिभावकों को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से उनके क्षेत्र के स्कूलों में उनके बच्चों को नि:शुल्‍क अध्‍ययन के लिए सीट आवंटित हो जाएगी। संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने लॉटरी में चयनित बच्चों को उनकी पंसद का स्कूल आवंटित होने पर बधाई दी और उनके उज्‍ज्‍वल भविष्य की कामना की। साथ ही पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन टीम की भी प्रशंसा की।

15 अपैल तक ले सकेंगे प्रवेश

राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र संचालक ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत इस वर्ष लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत 1 लाख 78 हज़ार 714 बच्चे पात्र हुए थे। जिनमें से 1 लाख 6 हजार 051 बच्‍चों को उनके द्वारा चयनित स्‍कूलों का आवंटन किया गया है। इनमें से 54 हजार 746 बालक एवं 51 हजार 305 बालिकाएं हैं। जिन्हे गुरुवार को ऑनलाइन लॉटरी में शामिल करते हुए रेंड़म पद्वति से स्कूल का आवंटन किया गया है। जिन बच्चों को स्कूल का आवंटन हुआ है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्‍यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे आवंटित स्कूलों में 3 अप्रैल से 15 अप्रैल तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।

वरीयता के आधार पर स्कूलों का हुआ आवंटन

ऑनलाइन लॉटरी में विभिन्‍न प्रायवेट स्‍कूलों की नर्सरी कक्षा में 66 हजार 219, केजी-1 में 31 हज़ार 970 और कक्षा पहली में 07 हज़ार 862 बच्‍चों को नि:शुल्‍क प्रवेश के लिए सीटों का आवंटन हुआ है। इनमें से 91 हजार 543 बच्‍चों को उनकी प्रथम वरीयता (फर्स्‍ट चॉइस) के स्‍कूलों का, 7 हजार 496 को द्वितीय वरीयता के स्‍कूलों का, 03 हजार 580 को तृतीय वरीयता के स्‍कूलों का, 01 हजार 245 को चतुर्थ वरीयता के स्‍कूलों का, 874 को पांचवीं वरीयता के स्‍कूलों का, 501 को 6वीं वरीयता के स्‍कूलों का, 315 को सातवीं वरीयता के स्‍कूलों का, 221 को आठवीं वरीयता के स्‍कूलों का, 160 को नवीं वरीयता के स्‍कूलों का और 116 को उनकी दसवीं वरीयता के स्‍कूलों का आवंटन हुआ है।

यूट्यूब लाइव सत्र के दौरान संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र श्री सिंह ने निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश के लिए पात्र विभिन्‍न श्रेणियों की बच्‍चों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक संख्‍या में विभिन्‍न श्रेणियों के गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के लगभग 01 लाख 14 हजार से अधिक बच्‍चों के आवेदन लॉटरी प्रक्रिया के लिए पात्र पाए गए हैं।

शेष रहे बच्‍चों को द्वितीय चरण में मिलेगा अवसर

प्रथम चरण की लॉटरी में जिन बच्‍चों को किसी भी स्‍कूल में सीट आवंटन नही हुआ है उन्‍हें शासन द्वारा स्‍कूलवार रिक्‍त रहीं सीटों पर प्रवेश के लिए द्वितीय अवसर प्रदान किया जायेगा। इसके लिए द्वितीय चरण के आवेदन प्रारंभ होने पर वे आवेदक जिन्‍होंने प्रथम चरण में आवेदन किया हुआ है पोर्टल पर प्रदर्शित स्‍कूलों में रिक्‍त सीट्स के अनुसार अपनी वरीयता की प्रविष्टि कर सकेंगे।

Back to top button
close