मुंगेली (दिलीप तोलानी)। जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम नेवासपुर में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रेम संबंध में किसी अन्य युवक से बातचीत करने के शक में हत्या की वारदात को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को रिविजन के बाद 30 अक्टूबर को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल करा दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 20 अक्टूबर को ग्राम नेवासपुर में नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से दम घुटना मौत का कारण सामने आने के बाद अपराध क्रमांक 343/2026 के तहत धारा 103 बीएनएस में हत्या का मामला दर्ज किया गया।

दूसरे युवक से बातचीत के शक में हत्या

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मामले की जांच की।

जांच में पुलिस को पता चला कि मृतिका का मुख्य आरोपी अजीत घृतलहरे से प्रेम संबंध था। किसी अन्य युवक से बातचीत करने के शक में आरोपी ने 19 अक्टूबर की रात ग्राम नेवासपुर पहुंचकर नाबालिग की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात में उसके साथी साहिल खाण्डे की भी भूमिका सामने आई।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की थी। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।

रिविजन के बाद दोनों आरोपी जेल दाखिल

प्रारंभिक न्यायिक रिमांड निरस्त होने के बाद पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर सत्र न्यायालय मुंगेली में रिविजन आवेदन प्रस्तुत किया। डीपीओ जायिता सिंह एवं लोक अभियोजक रजनीकांत ठाकुर की पैरवी पर अपर सत्र न्यायाधीश ने सीजेएम के आदेश को निरस्त कर दिया।

इसके बाद 30 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कराया गया।

जेल भेजे गए आरोपियों में अजीत घृतलहरे (22 वर्ष), पिता शिवकुमार और साहिल खाण्डे (20 वर्ष), पिता दिलीप शामिल हैं। दोनों ग्राम लिलवाकापा, थाना सिटी कोतवाली, जिला मुंगेली के निवासी हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश वैष्णव, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक सत्येन्द्र पुरी गोस्वामी सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।