बिलासपुर… समाज में जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करने की दिशा में बिलासपुर पुलिस ने एक और अभिनव पहल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संचालित ‘चेतना अभियान’ के तहत जनजागरूकता पर आधारित तीन लघु फिल्मों का भव्य विमोचन बुधवार को चेतना भवन, पुलिस ग्राउंड में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को समसामयिक सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सही दिशा में प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में लिव-इन रिलेशनशिप, यातायात जागरूकता और साइबर क्राइम पर आधारित तीन लघु फिल्मों का प्रदर्शन एवं विमोचन किया गया। प्रत्येक फिल्म के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए गए।

लिव-इन रिलेशनशिप पर आधारित फिल्म में युवाओं को किसी भी रिश्ते में प्रवेश करने से पहले उसके सामाजिक, कानूनी और भावनात्मक पहलुओं को समझने का संदेश दिया गया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जटिल परिस्थितियों से बचा जा सके।

यातायात जागरूकता पर आधारित फिल्म में सड़क पर स्टंट जैसी खतरनाक प्रवृत्तियों से दूर रहने की अपील की गई। फिल्म में बताया गया कि स्टंट करना केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों के जीवन को भी गंभीर खतरे में डालता है।

वहीं साइबर क्राइम जागरूकता पर आधारित फिल्म में स्कूली विद्यार्थियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल ठगी जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपायों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। फिल्म के माध्यम से लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क और जागरूक रहने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान फिल्मों के निर्माण से जुड़े कलाकारों एवं तकनीकी टीम का बिलासपुर पुलिस द्वारा सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में फिल्म निर्देशक डॉ. राहुल पारीक, असिस्टेंट डायरेक्टर आकांक्षा सिंह राठौड़, किशन यादव, श्रावणी नायडू, अशोक उपाध्याय, शत्रुघ्न जसवानी तथा मेकअप आर्टिस्ट दीपांशी घोष प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह  थे। इस अवसर पर डॉ. विनोद तिवारी, लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. अंकुल ठकराल, जेके कॉलेज के सचिव डॉ. इरशाद खान, डायरेक्टर डॉ. आशीष सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह, रामगोपाल करियारे सहित अनेक पुलिस अधिकारी, शिक्षाविद्, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक उमाशंकर पांडेय ने किया।

कार्यक्रम के समापन पर बिलासपुर पुलिस ने कहा कि जनजागरूकता आधारित लघु फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। चेतना अभियान के अंतर्गत भविष्य में भी विभिन्न सामाजिक विषयों पर ऐसे जनहितकारी और जागरूकता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।