health bulletin sonam wangchuk/दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरगंज अस्पताल ने रविवार को हेल्थ बुलेटिन जारी किया है। जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया था।

सफदरगंज अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि सोनम वांगचुक को अस्पताल में जरूरी मेडिकल इलाज दिया जा रहा है। अभी उनके जरूरी हेल्थ पैरामीटर स्थिर हैं। उनके ब्लड पैरामीटर में थोड़ा बदलाव है। लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर पर पड़ने वाले तनाव और असर को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की कड़ी निगरानी में लगातार मेडिकल देखभाल की जरूरत है।

हेल्थ बुलेटिन (health bulletin sonam wangchuk) में आगे बताया गया है कि सफदरजंग अस्पताल और एस्म के डॉक्टरों का मानना ​​है कि सोनम वांगचुक की मौजूदा स्थिति, किसी भी संभावित जटिलता का तुरंत पता लगाने और उसे संभालने के लिए लगातार मेडिकल इलाज और 24 घंटे क्लिनिकल निगरानी जरूरी है, इसलिए उन्हें सभी जरूरी मेडिकल देखभाल दी जा रही है और क्लिनिकल स्टेटस, ब्लड पैरामीटर की लगातार निगरानी की जा रही है।

बता दें कि जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक (health bulletin sonam wangchuk) की तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और चिकित्सकों की सलाह पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के उस आंदोलन में शामिल हुए, जो 6 जून से कथित नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वांगचुक ने 28 जून से औपचारिक रूप से आमरण अनशन शुरू किया था।

वहीं, वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने का विपक्ष के नेता, समाजिक कार्यकर्ता और कुछ फिल्मी हस्तियों ने विरोध जताया है।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “केंद्र सरकार के मुख्य सिद्धांत ‘असत्य’ और ‘हिंसा’ हैं। सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना, जब वे अहिंसक भूख हड़ताल पर थे, गलत है। पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या भारत के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं। कोई भी ताकत भारत के छात्रों और हममें से उन लोगों को, जो उनसे प्यार करते हैं और उनमें विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।”

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार और शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत ने भी सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की निंदा की।