कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इस साल करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए अपने नियमों और सुविधाओं में कई क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य पीएफ (PF) से जुड़े कामों को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और तेज बनाना है। अब कर्मचारियों को अपना पीएफ निकालने या नौकरी बदलने पर बैलेंस ट्रांसफर करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने या हफ्तों इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।

रिटायरमेंट फंड बॉडी ने पीएफ निकासी, अकाउंट ट्रांसफर और पेंशन क्लेम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पांच बड़े अपडेट्स पेश किए हैं, जो आपकी वित्तीय यात्रा को बेहद आसान बना देंगे।

इस साल का सबसे बड़ा अपडेट ‘ऑटो-सेटलमेंट’ सुविधा का विस्तार है। अब तक केवल 5 लाख रुपये तक के एडवांस पीएफ क्लेम ही ऑटो-सेटलमेंट मोड (बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के) के जरिए प्रोसेस किए जाते थे। लेकिन अब ईपीएफओ इस सिस्टम को ‘फाइनल विड्रॉल’ (पूर्ण निकासी) के लिए भी लागू करने की तैयारी कर रहा है।

ईपीएफओ के सेंट्रल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर रमेश कृष्णमूर्ति के अनुसार, इस कदम से सदस्यों के लिए निकासी की प्रक्रिया न केवल तेज होगी, बल्कि पूरी तरह परेशानी-मुक्त भी हो जाएगी।

नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए अब पीएफ बैलेंस ट्रांसफर करना भी बाएं हाथ का खेल हो गया है। नई व्यवस्था के तहत, जिन कर्मचारियों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आधार से लिंक है और केवाईसी (KYC) अपडेटेड है, उनका पीएफ बैलेंस नौकरी बदलते ही ऑटोमैटिकली नए एम्प्लॉयर के पास ट्रांसफर हो जाएगा। इससे अलग से ट्रांसफर एप्लीकेशन जमा करने, पिछले एम्प्लॉयर की मंजूरी लेने और कागजी कार्रवाई करने की लंबी प्रक्रिया से मुक्ति मिल जाएगी।

डिजिटल सुरक्षा और सुविधाओं को और मजबूत करते हुए ईपीएफओ ने यूएएन (UAN) एक्टिवेशन की प्रक्रिया को ‘यूनिफाइड मेंबर पोर्टल’ से हटाकर ‘उमंग ऐप’ (UMANG App) पर शिफ्ट कर दिया है। अब नए सदस्यों को अपना यूएएन एक्टिवेट करने के लिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) का उपयोग करना होगा। यह बदलाव डेटाबेस को सुरक्षित बनाने और धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।

पेंशनधारकों और क्लेम करने वालों के लिए भी ईपीएफओ ने सख्त नियम बनाए हैं। अब पीएफ निकासी के ज्यादातर नए क्लेम उसी दिन या अधिकतम दो दिनों के भीतर निपटाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, पेंशन (EPS) क्लेम के निपटारे के लिए 20 दिनों की समय सीमा तय की गई है।

यदि ईपीएफओ अधिकारी बिना किसी ठोस कारण के इस अवधि में क्लेम सेटल नहीं करते हैं, तो देरी वाली राशि पर सालाना 12 फीसदी की दर से ब्याज देना होगा, जिसकी वसूली जिम्मेदार अधिकारी से की जाएगी।

तकनीक के इस दौर में ईपीएफओ जल्द ही भीम (BHIM) ऐप के जरिए प्रोविडेंट फंड क्लेम सेटलमेंट की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस फ्रेमवर्क के लागू होते ही क्लेम की राशि सीधे सदस्यों के यूपीआई (UPI) लिंक बैंक खातों में जमा हो सकेगी। यह सुविधा उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी जिन्हें तत्काल धन की आवश्यकता होती है।