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ओडिशा से बिहार तक फैला गांजा तस्करी का जाल, बलरामपुर पुलिस ने सासाराम से दो और शातिरों को दबोचा, अब तक 7 गिरफ्तार

बलरामपुर/छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की सिटी कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करते हुए बिहार के सासाराम से दो और शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो इस काले कारोबार की कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।

इस हाई-प्रोफाइल तस्करी मामले में पुलिस की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक कुल सात आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज के ‘एंड-टू-एंड’ इन्वेस्टिगेशन के निर्देशों के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य केवल वाहन पकड़ना नहीं बल्कि नशे के इस अवैध कारोबार की पूरी चेन को जड़ से खत्म करना है।

इस पूरे प्रकरण की शुरुआत पिछले साल 26 अगस्त 2025 की रात को हुई थी।

उस दौरान ओडिशा के बलांगीर क्षेत्र से भारी मात्रा में गांजा लेकर बिहार के सासाराम की ओर जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बलरामपुर थाना क्षेत्र के दलधोवा घाट के पास अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर वाहन की बारीकी से जांच की, तो ट्रॉली के नीचे विशेष रूप से तैयार किया गया एक गुप्त चेंबर मिला। इस चेंबर के भीतर से पुलिस ने 125 किलोग्राम गांजा बरामद किया था, जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सबसे पहले 2 सितंबर 2025 को ट्रैक्टर चालक अनुज कुमार को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद इस गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम सामने आने लगे।

सरगुजा रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित विशेष अनुसंधान टीम ने साइबर सेल की तकनीकी मदद ली और फरार आरोपियों की तलाश तेज की।

जांच के दौरान पुलिस ने 18 अक्टूबर 2025 को ज्ञानचंद पासवान को दबोचा। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज हुई और 12 जनवरी 2026 को इस पूरे गिरोह के मुख्य आरोपी रंजन श्रीवास्तव सहित उसके सहयोगियों धीरज कुमार सिंह और विनय पासवान को बिहार के सासाराम से गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस आरोपियों के नेटवर्क का पीछा करते हुए उनके ठिकानों तक पहुँचती रही, जिससे तस्करी के इस सुनियोजित तरीके का पर्दाफाश हुआ।

इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए बलरामपुर पुलिस ने 20 जनवरी को सासाराम क्षेत्र में एक बार फिर दबिश दी। इस बार पुलिस ने गजेंद्र कुमार सिंह (निवासी कपसिया, रोहतास) और डब्लू कुमार प्रजापति (निवासी तिलकापुर, रोहतास) को अपनी गिरफ्त में लिया।

जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपी ओडिशा से गांजा खरीदने और उसे बिहार के विभिन्न इलाकों में खपाने के लिए रसद और परिवहन की व्यवस्था में सहयोग करते थे। इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने ओडिशा से बिहार तक के तस्करी मार्ग की लगभग हर कड़ी को उजागर कर दिया है।

बलरामपुर पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक भापेंद्र साहू, उप निरीक्षक के.पी. सिंह और उनकी समर्पित टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। गिरफ्तार किए गए दोनों नए आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ की सीमाओं के भीतर मादक पदार्थों के परिवहन को रोकने के लिए निगरानी और सख्त कर दी गई है।

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