बिलासपुर… सालों से लंबित मांगों और कृषि से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान संघ के आह्वान पर बुधवार को प्रदेशभर में किसान सड़कों पर उतरे। जिला मुख्यालयों में ‘बलराम किसान न्याय यात्रा’ निकालकर किसानों ने सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। बिलासपुर में प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह ठाकुर की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। झंडे और पोस्टर लेकर किसानों ने अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कार्यालय के सामने कुछ समय के लिए चक्काजाम जैसे हालात भी बने।

भारतीय किसान संघ का कहना है कि किसान लगातार उत्पादन कर रहा है, लेकिन उसे अपनी उपज की कीमत, खाद की उपलब्धता, सिंचाई और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान जैसे मुद्दों पर लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। संघ ने सरकार से कहा है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, लंबित मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेना होगा।

संघ ने 2022-23 की धान खरीदी की करीब 1700 करोड़ रुपये की लंबित राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की है। इसके साथ ही धान का भाव 3358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठाई गई। संघ का कहना है कि समर्थन मूल्य में हुई बढ़ोतरी का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। धान के बजाय दूसरी फसल लेने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपये प्रति एकड़ का लाभ देने की मांग भी की गई है।

धान खरीदी में ज्यादा तौल का मुद्दा भी किसानों ने उठाया। संघ ने मांग की कि प्रति बोरा 40 किलो 700 ग्राम से अधिक तौल नहीं होनी चाहिए और सभी खरीदी केंद्रों पर यह व्यवस्था समान रूप से लागू हो। टोकन व्यवस्था में छोटे और सीमांत किसानों को उनकी पूरी उपज बेचने का अवसर देने की मांग भी की गई।

गन्ना किसानों के लिए संघ ने 150 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि अथवा बोनस, गन्ने को कृषक उन्नति योजना से जोड़ने और भुगतान समय पर कराने की मांग रखी। वहीं खाद की कथित कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए किसानों को जरूरत के समय उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई।

हाल की बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग भी प्रदर्शन में प्रमुख रही। संघ ने अरपा-भैंसाझार समेत वर्षों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की।

किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहा है, लेकिन अब केवल आश्वासन स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मांगों पर समयबद्ध फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

प्रदर्शन में प्रदेश कोषाध्यक्ष गजानन दिघ्रस्कर, जिला अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद साहू, उपाध्यक्ष राजू सिंह, माखन श्रीवास, मंत्री राजेंद्र मिश्रा, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह, जिला महिला प्रमुख अनिता पटेल सहित जिला समिति के पदाधिकारी, सभी तहसीलों के अध्यक्ष-मंत्री और बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान शामिल रहे।