बिलासपुर… नशे के खिलाफ कार्रवाई में जब्त किया गया मादक पदार्थ अब दोबारा किसी के हाथ नहीं लगेगा। बिलासपुर में पुलिस ने अलग-अलग 61 प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थों के बड़े जखीरे का विधिवत नष्टीकरण कर दिया। मोहतरा स्थित सुधा बायो पावर प्राइवेट लिमिटेड की भट्ठी में आग की लपटों के बीच 302.642 किलो गांजा समेत बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं और अन्य मादक पदार्थ नष्ट किए गए।

नष्टीकरण की कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति के अध्यक्ष एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक-सह-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की मौजूदगी और निर्देशन में हुई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत मादक पदार्थों को भट्ठी में जलाने के साथ रोलर से नष्ट किया गया, ताकि उनका दोबारा किसी तरह उपयोग संभव न रहे।

नष्ट किए गए मादक पदार्थों में करीब 303 किलो गांजा के अलावा 1989 सीरप, 2.9 ग्राम ब्राउन शुगर, 9641 इंजेक्शन व एंपुल, 9.38 ग्राम चरस, 248 कैप्सूल और 11,610 नशीली गोलियां शामिल हैं।

जब्त करना ही नहीं, वापसी का रास्ता बंद

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल नशे की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि उसके दोबारा इस्तेमाल की हर संभावना को खत्म करना भी है। उन्होंने कहा कि जब्त मादक पदार्थों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्टीकरण इसी कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

“नशे के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी और जब्ती तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जब्त मादक पदार्थों का सुरक्षित और विधिवत नष्टीकरण जरूरी है, ताकि वह दोबारा किसी गलत हाथ तक न पहुंचे। पुलिस का प्रयास है कि नशे के अवैध कारोबार की पूरी कड़ी पर लगातार कार्रवाई हो और युवाओं तक नशे की पहुंच को रोका जा सके।”

भट्ठी में जला नशे का पूरा जखीरा

नष्टीकरण के लिए जब्त मादक पदार्थों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधा बायो पावर प्राइवेट लिमिटेड की भट्ठी तक पहुंचाया गया। समिति के सदस्यों की मौजूदगी में जब्ती और नष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, सहायक आबकारी आयुक्त नवनीत तिवारी, क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी तथा पंच मौजूद रहे।

पुलिस के अनुसार नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप की गई। मादक पदार्थों को जलाने और रोलर से नष्ट करने के बाद यह सुनिश्चित किया गया कि उनका दोबारा किसी रूप में इस्तेमाल न हो सके।

61 मामलों में जब्ती, अब खत्म हुआ अस्तित्व

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज अलग-अलग प्रकरणों में पुलिस द्वारा जब्त किए गए इन मादक पदार्थों को नियमानुसार नष्ट किया गया है। जिला स्तर पर गठित ड्रग डिस्पोजल समिति की निगरानी में हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य जब्त नशीले पदार्थों के पुनः दुरुपयोग की संभावना पूरी तरह समाप्त करना है।

बिलासपुर पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। जब्ती के बाद नष्टीकरण की प्रक्रिया को भी इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। यानी जिस नशे को पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से बाहर निकाला, अब उसका अस्तित्व भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया।