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EPF Profile Update: नाम, जन्मतिथि सुधारना हुआ आसान! जानें कब नहीं पड़ेगी दस्तावेजों की जरूरत और क्या हैं नए नियम

EPF Profile Update: नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सब्सक्राइबर्स के लिए अपने ईपीएफ अकाउंट की जानकारी अपडेट करना अब पहले से कहीं अधिक सरल हो गया है।

ईपीएफओ ने अपने डिजिटल सिस्टम को मजबूत करते हुए कई बदलावों को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे करोड़ों कर्मचारियों को ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर काटने से राहत मिली है। हालांकि, अलग-अलग समय पर हुए नियमों में संशोधन के कारण कई बार कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है।

यहाँ हम आपको विस्तार से बता रहे हैं कि आप अपनी प्रोफाइल में क्या और कैसे सुधार सकते हैं।

इन बदलावों के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं

एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफ प्रोफाइल में कुछ विवरण ऐसे हैं जिन्हें आप बिना किसी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट के अपडेट कर सकते हैं। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

नाम और माता-पिता का नाम: यदि कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो इनमें बदलाव के लिए कागज नहीं चाहिए।

वैवाहिक स्थिति (Marital Status): इसे आसानी से बदला जा सकता है।

जॉइनिंग और छोड़ने की तिथि (Date of Joining/Leaving): इसे भी बिना दस्तावेज अपडेट किया जा सकता है।

शर्त: यह सुविधा केवल उन सब्सक्राइबर्स को मिलती है जिनका UAN 1 अक्टूबर 2017 से पहले एक्टिव हुआ हो और आधार (Aadhaar) से वेरिफाइड हो। इस स्थिति में किसी ‘जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म’ की आवश्यकता नहीं होती।

राष्ट्रीयता (Nationality) बदलने के क्या हैं नियम?

ईपीएफओ की गाइडलाइंस के मुताबिक, राष्ट्रीयता में बदलाव केवल दो ही स्थितियों में संभव है:

यदि प्रोफाइल में कॉलम खाली है और उसे ‘Indian’ के रूप में अपडेट करना हो।यदि राष्ट्रीयता को ‘Indian’ से ‘International’ में बदलना हो।

इसके अलावा किसी अन्य स्थिति में बदलाव की अनुमति नहीं है। इसके लिए भी UAN का आधार से लिंक होना अनिवार्य है।

UAN और आधार लिंक न होने पर क्या करें?

यदि आपका UAN आधार से लिंक नहीं है या आपके पास UAN नंबर ही नहीं है, तो आप ऑनलाइन सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे। ऐसी स्थिति में आपको:

एक फिजिकल ‘जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म’ भरना होगा इस फॉर्म को अपने नियोक्ता (Employer) के पास जमा करना होगा।नियोक्ता इसे अपने लॉगिन के जरिए ईपीएफओ सिस्टम पर अपलोड करेगा, जिसके बाद ईपीएफओ ऑफिस से वेरिफिकेशन होने पर आपकी प्रोफाइल अपडेट हो जाएगी।

पुरानी कंपनी बंद हो गई हो, तो कैसे होगा सुधार?

अगर आपकी पुरानी कंपनी स्थायी रूप से बंद हो चुकी है, तो ईपीएफओ ने इसके लिए विशेष प्रावधान किए हैं। ऐसी स्थिति में आपको जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म को निम्नलिखित में से किसी एक अधिकृत अधिकारी से सत्यापित (Sign) करवाना होगा:

गजटेड ऑफिसर (Gazetted Officer)

नोटरी पब्लिक (Notary Public)

सांसद या पोस्ट मास्टर (MP/Postmaster)

ग्राम पंचायत प्रतिनिधि

सत्यापन के बाद इस फॉर्म को सीधे ईपीएफओ कार्यालय में जमा कराया जा सकता है।

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