Surajpur Teacher Drunk Case,शराब पीकर स्कूल आने वाले सहायक शिक्षक की रोकी गई 2 वार्षिक वेतन वृद्धि; बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ पर DEO की बड़ी कार्रवाई
सूरजपुर जिले में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाले एक शिक्षक पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। शराब पीकर स्कूल आने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षक की न केवल वेतन वृद्धि रोक दी गई है, बल्कि उसे सख्त चेतावनी भी जारी की गई है।

Surajpur Teacher Drunk Case।सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एक शराबी शिक्षक पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
Surajpur Teacher Drunk Case।प्राथमिक शाला सरईडांड (बोंगा) में पदस्थ सहायक शिक्षक रोशनलाल उरांव को शराब के नशे में स्कूल आने और अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बरतने का दोषी पाया गया है। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षक की दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।
सरपंच की शिकायत पर खुला राज
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम पंचायत बोंगा के सरपंच ने जिला शिक्षा विभाग से लिखित शिकायत की। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सहायक शिक्षक रोशनलाल उरांव आए दिन शराब पीकर स्कूल पहुंचते हैं और बच्चों को पढ़ाने के बजाय नशे की हालत में रहते हैं। यही नहीं, ड्यूटी के समय वे अक्सर स्कूल से गायब भी पाए जाते थे।
जांच में सच आया सामने
Surajpur Teacher Drunk Case।सरपंच की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा विभाग ने जांच के निर्देश दिए। जांच टीम ने पाया कि शिक्षक रोशनलाल उरांव न केवल शराब का सेवन कर स्कूल आते थे, बल्कि इस व्यवहार से बच्चों के मानसिक स्तर पर भी बेहद बुरा प्रभाव पड़ रहा था। नशे में धुत शिक्षक के कारण स्कूल का शैक्षणिक माहौल पूरी तरह बाधित हो चुका था।
कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत शिक्षा अधिकारी प्रतापपुर द्वारा आरोपी शिक्षक को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था। लेकिन शिक्षक ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। विभाग ने इसे स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा माना।Surajpur Teacher Drunk Case
- मुख्य आरोप: शराब पीकर स्कूल आना, कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता।
- कार्रवाई: दो वार्षिक वेतन वृद्धि (असंचयी प्रभाव) पर तत्काल रोक।





