Education Minister Resignation Reason : केंद्रीय शिक्षा मंत्री dharmendra pradhan ने NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक के विवाद और इसके विरोध में देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों का भविष्य और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता किसी भी पद या व्यक्ति से ऊपर है. जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शनों और विपक्ष के लगातार बढ़ते दबाव के बाद सरकार को यह बड़ा कदम उठाना पड़ा.

इधर गृह मंत्री amit shah ने प्रधान के इस्तीफे पर एक्स पोस्ट किया है।श्री शाह ने लिखा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।

मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है। पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड मिले, इसके लिए मोदी जी द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन कदमों से NEET परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा।

धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं। उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. जिम्मेदारी संभालते ही प्रहलाद जोशी ने अपना पहला आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि “वह अपनी पूरी क्षमता और निष्ठा के साथ इस जिम्मेदारी का पालन करेंगे.” उन्होंने संकेत दिया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य परीक्षाओं की पारदर्शिता को पुनः बहाल करना और आंदोलनकारी छात्रों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर मामले को शांत करना है.

शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालते ही प्रहलाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वे मंत्रालय की गरिमा और छात्रों के विश्वास को वापस लाने के लिए अपनी पूरी प्रशासनिक क्षमता लगा देंगे.

राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में चल रहे गतिरोध को खत्म करना और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज में सुधार उनकी पहली प्राथमिकता होगी. जंतर-मंतर पर CJP और अन्य छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन पर ध्यान देते हुए सरकार वार्ता के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगी.