नशे की चेन पर पुलिस का सीधा हमला.. पांच दिन में 55 गिरफ्तार.. हिल गया नशेड़ियों का नेटवर्क
नशे के कारोबार पर पुलिस की चोट, सप्लाई चेन तक मचा हड़कंप

बिलासपुर… जिले को नशे के प्रभाव से मुक्त रखने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने पिछले पांच दिनों में जिलेभर में सघन और निरंतर अभियान चलाया। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तथा पुलिस कप्तान रजनेश सिंह की प्रत्यक्ष निगरानी में अंजाम दी गई। अभियान के तहत सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश, जांच और घेराबंदी की गई, जिससे नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति रही।
इस दौरान पुलिस की कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं तक सीमित नहीं रही। जांच का दायरा नशे की आपूर्ति से जुड़े पूरे तंत्र तक रखा गया। कड़ी-दर-कड़ी जांच करते हुए यह प्रयास किया गया कि नशा कहां से आ रहा है, किन माध्यमों से फैल रहा है और किन हाथों तक पहुंच रहा है। इसी रणनीति के तहत स्रोत से लेकर अंतिम विक्रेता तक की श्रृंखला को चिन्हित किया गया।
पिछले पांच दिनों में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां, इंजेक्शन और गांजा जब्त किया गया। इसके साथ ही अवैध शराब के खिलाफ की गई कार्रवाई में देशी शराब और महुआ शराब की खेप पकड़ी गई। तंबाकू और नशे में प्रयुक्त सामग्री की बिक्री पर भी कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई है।
नशे से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए कई व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई। पुलिस के अनुसार, इन पांच दिनों में कुल 55 लोगों पर वैधानिक कार्रवाई की गई है, जिनमें गिरफ्तारी के साथ-साथ कानून के तहत आवश्यक प्रतिबंध लगाए गए हैं।
पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने बताया कि नशे का कारोबार किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। यह अभियान सिर्फ तात्कालिक नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। लक्ष्य साफ है—नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना और ऐसे लोगों को कानून के दायरे में लाना जो इस अवैध कारोबार से जुड़े हैं। आने वाले दिनों में भी इसी रणनीति के साथ कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस विभाग का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश और जमीनी स्तर पर सख्त निगरानी के चलते यह अभियान जिले में नशे के खिलाफ एक निर्णायक संदेश देने में सफल रहा है।





