बिलासपुर… जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की रफ्तार बढ़ाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार की समय-सीमा के अनुरूप मार्च 2027 तक जिले की सभी स्वीकृत पेयजल योजनाएं हर हाल में पूरी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में देरी, लापरवाही या गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार एजेंसियों व अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

कलेक्ट्रेट के मंथन सभाकक्ष में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जल जीवन मिशन की प्रगति का बारीकी से आकलन किया। उन्होंने अधूरी योजनाओं को तेजी से पूरा करने, प्रत्येक घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान हर घर जल प्रमाणित 219 योजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि जिन योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उनका शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं। साथ ही पात्र योजनाओं का लंबित भुगतान जल्द जारी करने और शेष परियोजनाओं में हर घर जल प्रमाणन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अक्टूबर 2026 और मार्च 2027 की समय-सीमा वाली सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बिजली कनेक्शन या अन्य विभागों से जुड़े मामलों के कारण यदि कहीं काम अटका है तो उसका तत्काल समाधान कर निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाए।

बैठक में जल संकट वाले गांवों पर भी विशेष फोकस रहा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों में भू-जल स्रोतों को मजबूत करने, रिचार्ज संरचनाएं विकसित करने और प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण के कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। बाढ़ और अन्य प्राकृतिक कारणों से प्रभावित पेयजल योजनाओं की मरम्मत और पुनर्स्थापना भी शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें नियमानुसार ग्राम पंचायतों को सौंपकर उनके संचालन और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल नल कनेक्शन देना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिदिन निर्धारित मानक के अनुसार सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि समय-सीमा का पालन और गुणवत्ता दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि तय रणनीति के साथ जिले की सभी योजनाएं समय पर पूरी कर बिलासपुर को जल जीवन मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति में अग्रणी बनाया जा सकता है।