Datia by election narottam mishra।भाजपा के कद्दावर नेता डॉ नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया. टिकट कटने के बाद दतिया में नरोत्तम मिश्रा के समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए.

Datia by election narottam mishra।बड़ी संख्या में उनके समर्थक हाईवे स्थित भाजपा जिला कार्यालय पहुंच गए और बाद में हाईवे पर धरना देकर प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उसके बाद भाजपा के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया. उनके साथ जिला और मंडल के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्ष, चुने हुए प्रतिनिधियों और पार्षदों ने भी भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया.

Datia by election narottam mishra।इस्तीफे में उन्होंने उम्मीदवार चयन के फैसले को “एकतरफा” बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की है. रघुवीर सिंह कुशवाह ने अपने पत्र में लिखा कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से चर्चा के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है. उनके अनुसार, दतिया उपचुनाव के लिए उम्मीदवार चयन का फैसला एकतरफा था और इससे पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान तथा उनकी भावनाओं की अनदेखी हुई है.

उन्होंने दतिया से उम्मीदवार बदलने की मांग की.नरोत्तम मिश्रा 2018 से 2023 तक दतिया के विधायक और शिवराज सिंह चौहान सरकार में गृह मंत्री भी रहे हैं. उनके समर्थक उन्हें प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का संभावित दावेदार भी मानते रहे हैं.

हालांकि, 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती से करीब 7 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा था.

Datia by election narottam mishra।उपचुनाव में यह आशा की जा रही थी कि नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिलेगा, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला. उसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस तरह के विरोध और दबाव के बाद भाजपा अपना फैसला बदल सकती है? फिलहाल इसकी संभावना बेहद कम मानी जा रही है. भाजपा में अब तक ऐसा कोई उदाहरण नहीं है कि कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दबाव में किसी उम्मीदवार का टिकट वापस लेकर दोबारा दिया गया हो.

यदि ऐसा होता है तो यह पार्टी में एक नई परंपरा की शुरुआत होगी, जिससे भविष्य में हर बड़े नेता का टिकट कटने पर इसी तरह के विरोध की संभावना बढ़ जाएगी. यही वजह है कि पार्टी अपने फैसले पर कायम रह सकती है.

Datia by election narottam mishra।सबको उम्मीद थी कि भाजपा दतिया से नरोत्तम मिश्रा को ही उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन शुक्रवार शाम करीब 6 बजे भाजपा ने उम्मीदवारों की सूची जारी की और दतिया से आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित कर दिया. सूत्रों के अनुसार, नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने की सबसे बड़ी वजह दिल्ली में कराया गया इंटरनल सर्वे रहा. इस सर्वे में नरोत्तम मिश्रा की जीत की संभावना कमजोर बताई गई थी.

 

बताया जाता है कि केंद्रीय नेतृत्व ने इस सर्वे को लेकर मध्य प्रदेश भाजपा से फीडबैक मांगा. प्रदेश संगठन की ओर से भी यही संकेत दिए गए कि नरोत्तम मिश्रा के लिए चुनाव आसान नहीं होगा, जबकि किसी दूसरे उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक है. इसके बाद टिकट बदलने पर गंभीरता से विचार शुरू हुआ.

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच इस मुद्दे पर दो दौर की चर्चा हुई. दतिया सीट को लेकर कई नामों पर मंथन किया गया और 2 से 3 नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए. अंततः हाईकमान ने आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगा दी.

मध्य प्रदेश भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक 18 और 19 जुलाई 2026 को ओरछा (निवाड़ी) में प्रस्तावित थी. आधिकारिक तौर पर पार्टी ने बैठक स्थगित करने की वजह वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय पदाधिकारियों की व्यस्तता बताई.

हालांकि, सूत्रों का दावा है कि प्रदेश भाजपा को पहले से संकेत मिल चुके थे कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट कट सकता है. ऐसे में आशंका थी कि टिकट घोषित होने के बाद विरोध तेज हो सकता है. चूंकि ओरछा, दतिया के बेहद करीब है, इसलिए कार्यसमिति की बैठक के दौरान किसी संभावित विरोध या हंगामे से बचने के लिए बैठक टालने का फैसला भी एक कारण माना जा रहा है. इस दावे की भाजपा की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.