रायपुर…राजस्व विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों के दिन अब बदल सकते हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रदेशभर के उन पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों, नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों का पूरा ब्यौरा तलब किया है, जो तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही क्षेत्र में पदस्थ हैं। मंत्री के इस निर्देश के बाद विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है।

जमे अधिकारियों की ‘कुंडली’ तलब

विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने से प्रशासनिक निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण प्रदेश के सभी जिलों से ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची मांगी गई है, जिन्होंने तीन साल या उससे अधिक समय एक ही क्षेत्र में बिताया है। इसमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, भू-अभिलेख शाखा के अधीक्षक और सहायक अधीक्षक के साथ-साथ पटवारी भी शामिल हैं।

डिजिटल निगरानी का नया सिस्टम

राजस्व विभाग अब तकनीक के सहारे अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी नजर रखेगा। इसके लिए ई-एचआरएमएस (इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस पोर्टल में पदस्थापना, अवकाश, विभागीय जांच, गोपनीय प्रतिवेदन और अचल संपत्ति सहित कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।

भू-अभिलेखों की सुरक्षा पर फोकस

बैठक में मंत्री टंक राम वर्मा ने डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिससे जमीन संबंधी रिकॉर्ड साइबर खतरों और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से सुरक्षित रह सकें।

15 अगस्त तक पूरा होगा पट्टा सर्वे

नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले पात्र हितग्राहियों को पट्टा वितरण की प्रक्रिया तेज करने के लिए मंत्री ने स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है। उन्होंने निर्देश दिए कि 15 अगस्त तक सभी आवश्यक सर्वे कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि पात्र लोगों को समय पर मालिकाना हक मिल सके।

लीज नवीनीकरण और राजस्व बढ़ाने पर जोर

बैठक में शासकीय जमीनों की समाप्त हो चुकी लीज के नवीनीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि नियमों के अनुरूप शुल्क निर्धारण कर राजस्व बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही भूमि आबंटन, आकाशीय बिजली से बचाव, एसईसीएल भू-अर्जन और राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।

भूमिहीन मजदूरों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा

मंत्री ने जियो-रेफरेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और त्रुटि सुधार जैसे लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने पर जोर दिया। बैठक में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

राजस्व विभाग में वर्षों से जमे अधिकारियों की सूची तलब होने के बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है। विभागीय गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में तबादलों का बड़ा दौर देखने को मिल सकता है।