शहादत की लौ से जगी चेतना… 200 कदम नहीं, 200 जवानों ने जगाया शहर का ज़मीर
शहादत की याद के साथ सड़कों पर उतरा सुरक्षा का संकल्प… 200 जवानों की रैली ने जगाई जागरूकता

बिलासपुर…अग्नि हादसों में शहीद हुए अग्निशमन कर्मियों को नमन करते हुए जिले में अग्नि सुरक्षा सप्ताह की शुरुआत हुई। पहले ही दिन 200 जवानों की रैली सड़कों पर उतरी और शहर को साफ संदेश दिया—आग से बचाव सिर्फ विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सजगता से ही संभव है।
नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय नवा रायपुर के निर्देश पर 14 से 20 अप्रैल तक यह सप्ताह मनाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य शहीद कर्मियों को श्रद्धांजलि देना और आम लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है।
सुबह 8 बजे मुंगेली नाका चौक से उप महानिरीक्षक एल.पी. वर्मा ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए वापस मुंगेली नाका पहुंची। इसमें नगर सेना, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग के करीब 200 जवान शामिल हुए, जिनकी मौजूदगी ने अभियान को प्रभावशाली स्वरूप दिया।
रैली का संचालन जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकूर नाथ के निर्देशन और स्टेशन फायर ऑफिसर वेदनारायण सेन के नेतृत्व में हुआ। संभागीय सेनानी के मार्गदर्शन में पूरे कार्यक्रम का समन्वय सुनिश्चित किया गया, जिससे अभियान सुव्यवस्थित और प्रभावी नजर आया।
रैली के दौरान नागरिकों को आग से बचाव के उपाय, सावधानियां और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी गई। साथ ही भीषण गर्मी के मौसम में आग से बचने के उपाय भी बताए गए, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके।
अग्नि सुरक्षा सप्ताह के दौरान आगे भी मॉक ड्रिल, पोस्टर-बैनर, निबंध प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जागरूकता का दायरा और बढ़े।
इस सप्ताह के पीछे 14 अप्रैल 1944 का वह दर्दनाक इतिहास जुड़ा है, जब मुंबई के विक्टोरिया डॉकयार्ड में भीषण अग्निकांड में 66 अग्निशमन कर्मियों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उन्हीं की स्मृति आज भी हर साल लोगों को सावधानी और जिम्मेदारी का संदेश देती है।
आग से लड़ाई सिर्फ संसाधनों से नहीं, जागरूकता से जीती जाती है—और इसकी शुरुआत आज सड़कों पर दिखी।





