महिला आरक्षण पर कांग्रेस का पलटवार: “कानून बन चुका, भाजपा फैला रही भ्रम—परिसीमन एजेंडा बेनकाब”

बिलासपुर.. महिला आरक्षण को लेकर सियासी बयानबाज़ी के बीच जिला कांग्रेस कमेटी शहर और ग्रामीण इकाई ने संयुक्त पत्रकारवार्ता कर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर देशभर में भ्रम फैला रही है, जबकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही कानून बन चुका है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी भी प्राप्त कर चुका है, इसके बावजूद भाजपा यह प्रचार कर रही है कि कांग्रेस और विपक्ष के कारण बिल पास नहीं हो पाया। उन्होंने इसे पूरी तरह भ्रामक और झूठा बताया। साथ ही कहा कि पार्टी अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और पंपलेट व जनसंपर्क के जरिए सच्चाई सामने रखेगी।
कांग्रेस ने 16 अप्रैल 2026 को पेश किए गए 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर भी सवाल खड़े किए। नेताओं का कहना था कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन था। इसमें लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने, 2011 की जनगणना को आधार बनाने और केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में संशोधन जैसे प्रावधान शामिल थे, जिसे कांग्रेस ने राजनीतिक एजेंडा बताया।
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब 2026-27 की नई जनगणना प्रस्तावित है और जातिगत जनगणना की भी चर्चा हो रही है, तो पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों किया जा रहा है। उन्होंने मांग रखी कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है तो मौजूदा सीटों पर ही 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, परिसीमन का इंतजार न किया जाए।
पत्रकारवार्ता में कांग्रेस ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी ऐतिहासिक भूमिका भी सामने रखी। नेताओं ने बताया कि पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल राजीव गांधी के समय शुरू हुई, जिसे बाद में पीवी नरसिम्हा राव सरकार ने कानून का रूप दिया। वहीं संसद और विधानसभाओं में आरक्षण के लिए 2010 में डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के प्रयासों का भी जिक्र किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि भाजपा महिला आरक्षण को “मुखौटा” बनाकर परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेना चाहती थी, लेकिन विपक्ष की एकजुटता के चलते यह प्रयास सफल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब भाजपा इस मुद्दे पर भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
पत्रकारों के सवाल पर महिला कांग्रेस की मौजूदगी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई। सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की पदाधिकारी भी मौजूद थीं और यह पूरी पार्टी का संयुक्त प्रयास है।
पत्रकारवार्ता में पूर्व महापौर, पूर्व विधायक, पूर्व पार्षद सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहे, जिससे यह संकेत मिला कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।





