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Chhattisgarh

सुप्रीम कोर्ट में ‘केविएट’ दायर कर रहा है छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन,शिक्षकों से नहीं लिया जाएगा कोई आर्थिक सहयोग

रायपुर।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रांतीय वर्चुअल बैठक में शिक्षकों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया गया है।

एसोसिएशन ने  उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा पेंशन के संबंध में दिए गए फैसले को सुरक्षित रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में केविएट याचिका दायर करने का निर्णय लिया है, इस हेतु केविएट दायर किया जा रहा है।

बैठक के मुख्य बिंदु:

आर्थिक सहयोग की आवश्यकता नहीं: एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि केविएट दायर करने के लिए किसी भी सामान्य शिक्षक से कोई आर्थिक चंदा या सहयोग नहीं लिया जाएगा।

याचिकाकर्ताओं की पहल: वर्चुअल बैठक में पदाधिकारियों एवं मूल याचिकाकर्ताओं ने सुझाव दिया कि प्रत्येक जिला में बैठक आयोजित करके शिक्षकों को किसी भी के बहकावे में न आने के लिए जागरूक किया जाएगा तथा QR कोड वालो से सावधान रहने का अपील किया जाएगा।

टीचर्स एसोसिएशन ने पेंशन के सम्बंध में याचिका दायर करने वाले सभी शिक्षकों की सराहना करते हुए पेंशन की मांग के लिए एकजुट रहने की अपील की है।

न्यायालय के निर्णय का स्वागत: बैठक में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा दिनांक 23/01/2026 एवं 17/02/2026 को दिए गए निर्णयों का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया।

सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर से कहा कि “हम शिक्षकों के हक की लड़ाई को अंतिम छोर तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हाईकोर्ट का फैसला हमारे संघर्ष की जीत है, और सुप्रीम कोर्ट में केविएट के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकार द्वारा एकतरफा आदेश प्राप्त न किया जा सके एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय से स्थगन न मिले।

टीचर्स एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील किया है कि कैविएट लगाने का व्यय टीचर्स एसोसिएशन स्वयं वहन करेगा। कैविएट के लिए किसी भी शिक्षक से कोई शुल्क नही लिया जाएगा। राशि कलेक्शन का प्रयास करने वालो से सतर्क रहना जरूरी है।

साथ ही सांगठनिक स्तर से भी संविलियन पूर्व प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पूर्ण पेंशन के लिए सरकार से विभिन्न माध्यम से चर्चा कर प्रयास किया जाएगा।

इस संबंध में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसियेशन की आयोजित वर्चुअल बैठक में सर्वप्रथम निम्न लिखित कार्य करने को कहा गया–

जिन शिक्षक साथियो का निर्णय माननीय उच्च न्यायालय के सिंगल बेंच से पारित हो गया है वे आवेदन के साथ न्यायालय के आदेश की कॉपी संलग्न कर अनावेदक ( याचिका में जिन्हें पार्टी बनाया गया था) के कार्यालयों में देकर पावती प्राप्त कर लेवें।

यदि ग्रुप में याचिका लगाई गई थी तो सभी याचिकाकर्ता एक ही आवेदन में सभी लोग अपना नाम पता लिखकर एवं हस्ताक्षर करके आदेश की कॉपी संलग्न कर दे सकते हैं, जो लोग शिक्षा सचिव या डी पी आई में स्वयं नही जा सकते वे रजिस्टर्ड डाक से आवेदन, एवं सिंगल बैंच के न्यायालयीन आर्डर की कॉपी के साथ भेजें।

जो साथी न्यायालय नही गए थे उन्हें भी इस मुहिम में कमर कसकर तैयार रहना है।

*हाईकोर्ट के फैसले की मुख्य बातें*

बैठक में एसोसिएशन ने चर्चा की कि –

1. माननीय न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि संविलियन पूर्व की गई सेवा को अप्रासंगिक मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

2. संवैधानिक अधिकार- सेवा की निरंतरता, कार्य की प्रकृति, वेतन के स्रोत और प्रशासनिक नियंत्रण के साथ-साथ संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

3. कल्याणकारी योजना- न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया है कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि एक कल्याणकारी योजना है जिस पर कर्मचारियों का अधिकार है।

प्रांतीय वर्चुअल बैठक में
प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी,प्रवीण श्रीवास्तव, प्रांतीय सचिव मनोज सनाढ्य, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक, प्रांतीय पदाधिकारी हेमेन्द्र साहसी, जयंत यादव, संजय उपाध्याय, ऋषिकेश उपाध्याय, चंद्रकांत सिंह, अशोक कुर्रे, पूर्णानंद मिश्रा, सुखनंदन साहू, पुरन लाल साहू, संजय उपाध्याय, भरत सिंह, केशव राम साहू, शिव कुमार, रमेश चंद्रवंशी जिलाध्यक्ष कबीरधाम, ऋषिदेव सिंह, जिलाध्यक्ष कोंडागांव, शत्रुहन साहू,जिलाध्यक्ष दुर्ग, आशीष राम, जिलाध्यक्ष सुकमा, दिलीप साहू,जिलाध्यक्ष बालोद, मुकेश कोरी, जिलाध्यक्ष पेंड्रा, गौरेला मरवाही, स्वदेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष कांकेर, उदय प्रताप सिंह जिलाध्यक्ष मानेंद्रगढ़ – चिरमिरी-भरतपुर, अजय तिवारी, जिलाध्यक्ष बीजापुर, भूपेश सिंह जिलाध्यक्ष सूरजपुर, बीरेन्द्र बहादुर तिवारी जिलाध्यक्ष कोरिया, मनोज चौबे जिलाध्यक्ष कोरबा, बृज भूषण सिंह बनाफर जिलाध्यक्ष सक्ती ,नारायण चौधरी जिलाध्यक्ष महासमुंद, नेतराम साहू जिलाध्यक्ष रायगढ़, ओमप्रकाश सोनकला जिलाध्यक्ष रायपुर, पवन सिंह बलरामपुर, परमेश्वर निर्मलकर जिलाध्यक्ष गरियाबंद, सत्येंद्र सिंह जिलाध्यक्ष जांजगीर चांपा , डोलामणि मालाकार जिलाध्यक्ष सारंगढ़ बिलाईगढ़, श्रीहरि मोहला, लुदर सोन कश्यप जिलाध्यक्ष जगदलपुर, दुर्गा गुप्ता बीरबल देशमुख, गिरधरराम साहू, सुधीर दुबे, लीलाराम साहू,उमेश तेम्बुलकर, विनोद चौबे, रामलाल डडसेना ,महेश चंद्राकर, महेश कुमार सेन, मानेश्वर राम जुर्री, राजेंद्र कुमार साहू, राजेश यादव, संजय डेहरिया, शैलेंद्र कुमार, अभिनव, सोन सिंह कश्यप, मनोज पोया, सहित अनेक याचिकाकर्ता शामिल थे।

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